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सिरसा के रहने वाला ठग गिरफ्तार, रोहतक में 1.18 करोड़ की ठगी का आरोप:शेयर मार्केट में अधिक मुनाफे का दिया झांसा

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Fraud accused from Sirsa arrested, accused of fraud of Rs 1.18 crore in Rohtak: Cheated with high profits in share market
Mahendra india news, new delhi

रोहतक साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा कमाने के नाम पर 1 करोड़ 18 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह में शामिल तीसरे आरोपी को काबू कर लिया। इससे पहले दो आरोपी पकड़े जा चुके है। तीसरे आरोपी की पहचान सोनू पुत्र महाबीर निवासी सिरसा के रूप में हुई।

साइबर थाना SHO कुलदीप सिंह ने बताया कि सेक्टर-2 निवासी बुधराम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि 6 नवंबर 2024 को बुधराम के पास कीर्ति गुप्ता के नाम से कॉल आया। जिसने अपने आप को एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटी लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने कहा कि उनकी कम्पनी शेयर मार्केट में निवेश करवाकर ज्यादा मुनाफा देने का काम करती है।

एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी कीर्ति ने बुधराम को वीआईपी इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए कहा। उन्होंने फॉर्मेट पर बुधराम की निजी जानकारी लेकर खाता खोलकर रुपए जमा करवाने की डिटेल भेजनी शुरू कर दी। बुधराम ने उनके कहे अनुसार उनके द्वारा खोले गए अकाउंट में रुपए जमा कर दिए।

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बुधराम के अकाउंट अलॉट किए 266500 आईपीओ
एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को कम्पनी द्वारा बुधराम के बनाए गए अकाउंट में 2 लाख 66 हजार 500 आईपीओ अलॉट कर दिए, जिनकी कीमत आरोपी कीर्ति ने 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार 600 रुपए बताई। बुधराम ने इतनी कीमत के आईपीओ को कैंसिल करने बारे कहा तो आरोपी ने कैंसिल करने से मना किया और कहा कि उनकी कम्पनी 7 दिन के लिए ब्याज रहित डेढ़ करोड़ का लोन देती है।

आरोपी ने बुधराम को भेजा लोन एग्रीमेंट
SHO कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी कीर्ति ने बुधराम को लोन एग्रीमेंट भेजते हुए कहा कि उनका डेढ़ करोड़ का लोन कर दिया गया है। 13 दिसंबर 2024 को बुधराम ने एनआईएसयूएस फाइनेंस सर्विस लिमिटेड कम्पनी के 1 लाख 66 हजार 400 के शेयर बेच दिए जो ट्रेडिंग अकाउंट में इनकी कीमत 2 करोड़ 99 लाख 41 हजार 630 रुपए जमा हो गई। जब बुधराम ने इस राशि में से डेढ़ करोड़ रुपए निकलवाने चाहे तो नहीं निकले।

बुधराम को मिले दस्तावेज मिले फर्जी
SHO कुलदीप सिंह ने बताया कि बुधराम ने आरोपी कीर्ति द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेजों को चेक किया तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। बुधराम ने 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2024 तक आरोपियों द्वारा बताए गए अकाउंट में 1 करोड़ 18 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए थे।

रोहतक साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा कमाने के नाम पर 1 करोड़ 18 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह में शामिल तीसरे आरोपी को काबू कर लिया। इससे पहले दो आरोपी पकड़े जा चुके है। तीसरे आरोपी की पहचान सोनू पुत्र महाबीर निवासी सिरसा के रूप में हुई।

साइबर थाना एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि सेक्टर-2 निवासी बुधराम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि 6 नवंबर 2024 को बुधराम के पास कीर्ति गुप्ता के नाम से कॉल आया। जिसने अपने आप को एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटी लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने कहा कि उनकी कम्पनी शेयर मार्केट में निवेश करवाकर ज्यादा मुनाफा देने का काम करती है।

एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी कीर्ति ने बुधराम को VIP इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने के लिए कहा। उन्होंने फॉर्मेट पर बुधराम की निजी जानकारी लेकर खाता खोलकर रुपए जमा करवाने की डिटेल भेजनी शुरू कर दी। बुधराम ने उनके कहे अनुसार उनके द्वारा खोले गए अकाउंट में रुपए जमा कर दिए।


बुधराम के अकाउंट अलॉट किए 266500 आईपीओ
एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को कम्पनी द्वारा बुधराम के बनाए गए अकाउंट में 2 लाख 66 हजार 500 आईपीओ अलॉट कर दिए, जिनकी कीमत आरोपी कीर्ति ने 3 करोड़ 12 लाख 15 हजार 600 रुपए बताई। बुधराम ने इतनी कीमत के आईपीओ को कैंसिल करने बारे कहा तो आरोपी ने कैंसिल करने से मना किया और कहा कि उनकी कम्पनी 7 दिन के लिए ब्याज रहित डेढ़ करोड़ का लोन देती है।

आरोपी ने बुधराम को भेजा लोन एग्रीमेंट
एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपी कीर्ति ने बुधराम को लोन एग्रीमेंट भेजते हुए कहा कि उनका डेढ़ करोड़ का लोन कर दिया गया है। 13 दिसंबर 2024 को बुधराम ने एनआईएसयूएस फाइनेंस सर्विस लिमिटेड कम्पनी के 1 लाख 66 हजार 400 के शेयर बेच दिए जो ट्रेडिंग अकाउंट में इनकी कीमत 2 करोड़ 99 लाख 41 हजार 630 रुपए जमा हो गई। जब बुधराम ने इस राशि में से डेढ़ करोड़ रुपए निकलवाने चाहे तो नहीं निकले।

बुधराम को मिले दस्तावेज मिले फर्जी
SHO कुलदीप सिंह ने बताया कि बुधराम ने आरोपी कीर्ति द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेजों को चेक किया तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। बुधराम ने 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2024 तक आरोपियों द्वारा बताए गए अकाउंट में 1 करोड़ 18 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए थे।