पशुपालकों के द्वार पर पहुंच रही नि:शुल्क पशु चिकित्सा सुविधा: डा. धु्रव
mahendra india news, new delhi
सिरसा। हरियाणा सरकार द्वारा पशुपालकों को बेहतर एवं समयबद्ध पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई डायल 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस अभिनव पहल के माध्यम से अब पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता नहीं है।
पशु के बीमार होने, दुर्घटनाग्रस्त होने, प्रसव संबंधी समस्या आने या अन्य किसी चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने पर पशुपालक केवल टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर इस नि:शुल्क सेवा का लाभ उठा सकते हैं। डॉ. ध्रुव सिहाग ने बताया कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पशुपालक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। विशेष रूप से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले पशुपालकों के लिए डायल 1962 सेवा किसी वरदान से कम नहीं है, जहां कई बार पशु चिकित्सालय तक पहुंचना कठिन होता है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुओं का प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक परामर्श तथा अन्य चिकित्सकीय सेवाएं घर-घर पहुंचाई जा रही हैं। डायल 1962 सेवा के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुपालक के घर या पशुशाला तक पहुंचकर पशुओं का उपचार करती है। प्रत्येक मोबाइल यूनिट में प्रशिक्षित पशु चिकित्सक, पशुधन सहायक तथा आवश्यक दवाइयों एवं उपकरणों की व्यवस्था उपलब्ध रहती है।
इससे पशुओं को समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ पशुपालकों का समय और परिवहन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचता है। उन्होंने बताया कि पशुधन किसानों की आय का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पशुओं का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। समय पर उपचार मिलने से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है, दूध उत्पादन में सुधार होता है तथा गंभीर बीमारियों से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है। डायल 1962 सेवा का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक पशुपालक को घर बैठे नि:शुल्क एवं समयबद्ध पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।
डॉ. ध्रुव सिहाग ने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे इस जनहितकारी सेवा की जानकारी अपने गांव, पड़ोस एवं अन्य पशुपालकों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। यदि किसी पशु को बीमारी, चोट, प्रसव संबंधी परेशानी या अन्य किसी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता हो तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करें और नि:शुल्क पशु चिकित्सा सेवा प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह सेवा न केवल पशुपालकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है, बल्कि पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य, बढ़ी हुई उत्पादकता तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हरियाणा सरकार पशुपालकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है और डायल 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है।
