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नाथूसरी चौपटा के स्वतंत्रता सेनानी नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ विदेश में साथ रहे

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Freedom fighters from Nathusari Chaupata accompanied Netaji Subhash Chandra Bose abroad
mahendra india news, new delhi

 देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के जुल्मों सितम से लड़ने के लिए नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों का बड़ा योगदान रहा है। इस जिले के स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों को न केवल युद्ध के मैदान में शिकस्त दी, बल्कि बुद्धि के मामले में भी करारा जवाब दिया और हरा कर दिखाया। क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल बजाकर लड़ते हुए जीत भी हासिल की। स्वतंत्रता सेनानियों ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ विदेश में साथ रहे। स्वतंत्रता सेनानियों ने विदेशी सामान के बहिष्कार के आंदोलन में भाग लेकर बोस्टल जेल लाहौर में कई महीने की सजा भी काटी है। 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आजाद ङ्क्षहद सेना में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनमें सबसे ज्यादा लुदेसर गांव के पांच स्वतंत्रता सेनानी थे। इनमें बालाराम गाट, मामनराम, बदरीराम, रामकिशन, तुलसीराम, रूपावास गांव से मौजीराम व भागूराम, ढूकड़ा से सुरजा राम, कुम्हारियां से धनराज, मानक दिवान से बहादुर ङ्क्षसह, दड़बा कलां से रामजस, जसानिया से मनीराम, रामपुर बगड़ियां से मुंशीराम, अलीमोहम्मद से मोहनाराम, चाहरवाला गांव से जगमाल ङ्क्षसह व बिसना राम, गुसाईआना से श्योकरण ङ्क्षसह व बदरीराम, ङ्क्षडग से नंदराम, हरफूल ङ्क्षसह व हरदेव, रामपुरा ढिल्लों से लखमी चंद्र ने युद्ध लड़ा।