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सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले की पुकार भगवान अवश्य सुनते हैं: ब्रह्मनिष्ठा भारती

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God definitely listens to the call of one who prays with a true heart: Brahmanishtha Bharti

Mahendra india news, new delhi
रानियां में आयोजित शिव कथा के तृतीय दिवस में गुरुदेव सर्व आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री ब्रह्मनिष्ठा भारती ने बताया कि जब कोई भक्त प्रभु के चरणों में नतमस्तक होकर सच्चे मन से प्रार्थना करता है, तो भगवान् उसकी प्रार्थना को अवश्य श्रवण करते हैं और मुक्त हस्त से अपनी कृपा अपने भक्तों पर लुटाते हैं। प्रभु की कृपा को पाने के लिए कठोर व्रत,जप, तप,नियमों इत्यादि का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती । अपितु सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने से और भगवान् के चरणों में सच्ची प्रीति से ही प्रभु की प्राप्ति संभव हो जाती है। तभी तो भगवान श्री राम ने भी कहा-कि निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र ना भावा।

आगे साध्वी जी ने बताया कि किस प्रकार से देवताओं द्वारा प्रार्थना करने पर और हिमवान द्वारा तपस्या करने पर मां भगवती प्रसन्न होकर हिमावन के घर कन्या के रूप में जन्म लेती हैं और पूरी हिमाचल नगरी में विशाल उत्सव मनाया जाता है।

साध्वी जी ने बताया कि प्राचीन काल से ही घर में कन्या की उत्पत्ति गौरव का विषय हुआ करती थी, किंतु आज के समाज में कन्या का जन्म होने पर लोग स्वयं को सौभाग्यशाली न मानकर कन्या को बोझ समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है आज के युग में यदि बेटी को अवसर दिया जाता है, तो वह बेटों से अधिक उन्नति को प्राप्त करती हैं और अपने माता-पिता एवं कुटुंब का शीश गर्व से ऊंचा करती है। इसीलिए आशुतोष महाराज ने संस्थान के तत्वावधान में संतुलन नाम से एक प्रकल्प चलाया है, जिसके तहत समाज में जागरूकता लाई जाती है कि बेटियां, बेटों से बढ़कर हैं। बेटा तो एक कुल का कल्याण करता है, लेकिन बेटियां तो दो-दो कुलों का उद्धार करती हैं।

साध्वी जी ने बताया कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार प्रदान करते हैं,तो वही संतान उनकी वृद्धावस्था में उनकी सेवा करते हैं और एक श्रेष्ठ समाज का निर्माण करने के लिए यह हमारा दायित्व भी है कि हम समय रहते अपने बच्चों को अच्छे संस्कार प्रदान करें, ताकि आगे चलकर वह समाज के अच्छे नागरिक बन सकें, लेकिन यह अच्छे संस्कार केवल संत महापुरुषों के सान्निध्य से ही प्राप्त हो सकते हैं।

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यदि आप अपने जीवन में कुछ अच्छा करना चाहते हैं, अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देना चाहते हैं, तो सत्संग में जाकर ही, सत्संग विचारों को श्रवण करके ही आप इन संस्कारों को स्वयं अपने जीवन में और अपने बच्चों के जीवन में चरितार्थ कर सकते हैं। यही कारण है समय-समय पर संत महापुरुष सत्संग कार्यक्रमों एवं कथा प्रसंगों के माध्यम से समाज को जागृत कर जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करते हैं।

ऐसा ही प्रयास आशुतोष महाराज  की कृपा से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के द्वारा भी किया जा रहा है, आपके क्षेत्र में आयोजित इस पांच दिवसीय शिव कथा के माध्यम से। और इस प्रकार बहुत ही मनोरम ढंग से एवं अत्यंत मार्मिक विचारों द्वारा साध्वी जी ने कथा का वाचन किया। मंच पर उपस्थित समस्त साध्वी बहनों साध्वी हरि वंदना भारती, साध्वी कृतिका भारती, साध्वी भार्गवी भारती, साध्वी सदया भारती, साध्वी सतीन्द्र भारती एवं मंच पर उपस्थित महात्मा जी द्वारा अत्यंत मनोरम एवं सुमधुर भजनों का गायन किया गया और बहुत ही सुंदर संगीत का वादन कर पंडाल में उपस्थित समस्त भक्त जनों का हृदय मंत्र मुक्त कर दिया गया। सभी भक्तों का हृदय आनंद से भर गया।