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पंचायती तालाबों के जीर्णोद्धार पर मिलेगा 60 फीसदी तक अनुदान

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 mahendra india news, new delhi
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और पंचायती तालाबों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मत्स्य पालन विभाग ने सघन मत्स्य विकास कार्यक्रम के तहत पंचायती तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए अनुदान योजना लागू की है। योजना के माध्यम से पात्र मत्स्य पालकों को तालाबों के नवीनीकरण व सुधार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार और आय में भी वृद्धि होगी।

योजना के तहत परियोजना लागत 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति एवं महिला लाभार्थियों के लिए यह अनुदान 60 प्रतिशत तक होगा। प्रति लाभार्थी अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्र तक इस योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना का लाभ केवल पंचायती तालाबों और सरकारी जलाशयों के लिए ही उपलब्ध होगा। इसके अलावा अनुदान तीन वर्ष में केवल एक बार दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन तालाबों पर मिलेगा जो लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय से मत्स्य पालन के अधीन हैं। इसका उद्देश्य ऐसे जलाशयों का वैज्ञानिक तरीके से जीर्णोद्धार कर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।

ये होंगे पात्र

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। लाभार्थी हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो। इसके अलावा आवेदक किसी भी सरकारी अथवा अर्ध-सरकारी संस्था में कार्यरत नहीं होना चाहिए। विभाग ने पात्रता की इन शर्तों का पालन अनिवार्य बताया है।

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आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन करते समय मत्स्य पालक एवं विभाग के बीच किया गया अनुबंध पत्र-1, मत्स्य पालक एवं पंचायत के बीच अनुबंध पत्र-2, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), किसी सरकारी संस्थान से प्राप्त मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी अभिलेख, पंचायत का प्रस्ताव, पंचायत की पट्टा रसीद (संख्या-4), जीर्णोद्धार कार्य की वाउचर रसीद तथा कार्य से संबंधित फोटोग्राफ जमा करना अनिवार्य होगा। विभाग ने कहा है कि सभी दस्तावेज पूर्ण होने पर ही आवेदन पर विचार किया जाएगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि पंचायती तालाबों का वैज्ञानिक तरीके से जीर्णोद्धार होने से जलाशयों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और मत्स्य पालन को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी तथा पंचायतों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। पात्र मत्स्य पालक समय पर आवेदन कर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।