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संत बाबा बघेल सिंह व बाबा अजीत सिंह की बरसी पर गुरमत समागम आयोजित

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Gurmat Samagam organized on the death anniversary of Sant Baba Baghel Singh and Baba Ajit Singh

mahendra india news, new delhi
 संत बाबा बघेल सिंह जी की 58वीं सालाना बरसी तथा संत बाबा अजीत सिंह जी की तीसरी सालाना बरसी के उपलक्ष्य में गुरमत समागम, मैडिकल चैक अप कैम्प एवं रक्तदान शिविर गुरुद्वारा चिला साहिब पातशाही पहली, रानियां रोड में आयोजित किया गया। अस्पताल के प्रशासक जितेंद्र सिंह मिलाप ने बताया कि गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में फ्री मेडिकल कैम्प में लगभग 600 व्यक्तियों की मुफ्त जांच कर उन्हें दवाईयां वितरित की गई।

इसके अलावा रक्तदान कैंप में सैकड़ों लोगों ने रक्तदान किया। इसके अलावा पौधारोपण अभियान के तहत लगभग 10000 पौधे साथ संगत को नि:शुल्क बांटे गए। लगभग 150,000 लोगों ने गुरुद्वारा साहिब में आकर माथा टेका तथा लंगर ग्रहण किया। गुरुद्वारा में लगभग 69 अखण्ड पाठ के भोग डाले गये, जो कि 2जुलाई 2026 से लगातार चल रहे थे।

फ्री मैडिकल कैम्प में बाबा अजीत सिंह चैरिटेबल हॉस्पटल की सारी टीम व स्टाफ टीम जिसमें डा. एस पी सिंह, डा. जतिंद्र कौर चीमा तथा डा. निहारिका भाटिया, डा. एन.एस जौसन, डा. मंजू गर्ग, डा. हितैशी कम्बोज तथा डा. शर्णदीप भुल्लर ने अपनी सेवाएं दी। बल्ड कैम्प में वरदान चैरिटेबल ब्लड बैंक, सिविल हास्पिटल सिस्सा की टीम ने अपनी निष्काम सेवाएं दी। जत्थेदार बाबा जगतार सिंह प्रमुख सेवादार/चैयरमैन व बाबा नरेन्द्र सिंह की देख रेख में सभी कार्यक्रम हुए। इस मौके पर एडीसी अर्पित संगल ने भी गुरुद्वारे में माथा टेका और रक्तदान कैंप व पौधारोपण वितरण कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज करवाई।

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 संत बाबा बघेल सिंह व बाबा अजीत सिंह की बरसी पर गुरमत समागम आयोजित

इस मौके पर बाबा जगतार सिंह ने बताया कि संत बाबा बघेल सिंह जी को सिरसा शहर व उसके साथ लगते गांवों की साध संगत की सेवा करवाने बाबत विनती को स्वीकार करते हुए सन् 1958 में सिरसा आये और सिरसा शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारे दसवीं पातशाही श्री गुरुगोबिन्द सिंह जी गुरुद्वारा की कार सेवा करवाई। संत बाबा बघेल सिंह पहले फौज में भी भर्ती हुए तथा सन्1914 की हिन्दुस्तान की जंग में शामिल हुए तथा कई-कई महीनों तक जेल में भी रहे। सिरसा में और ऐतिहासिक गुरुद्वारा पातशाही पहली श्री गुरु नानक देव जी की भी कार सेवा करवाई तथा इसके साथ-साथ शिक्षा का स्तर ऊंचा करने के लिए श्री गुरु गोबिन्द सिंह खालसा स्कूल की स्थापना करवाने के साथ-साथ बिल्डिंग की कार सेवा करवाई। इसके साथ-साथ बाबा जी ने समाज सेवा में भी बढ़-चढ़ कर योगदान दिया । अत: सेवा करते-करते 90 वर्ष की उम्र में स्वर्गवास (संचखण्ड) पातालपुरी) जा विराजे। बाबाजी का जन्म सन् 1878 ई. में हुआ था तथा 26 जुलाई 1968 को अपना चौला छोड़कर गुरू चरणों में जा विराजे।

संत बाबा अजीत सिंह जी जो संत बाबा बघेल सिंह जी के रिश्ते में पौता लगते थे। जो छोटी उम्र (आयु) यानि केवल 10वीं पास करके सेवा में बाबाजी के साथ लग गये। बाबा अजीत सिंह कार सेवा में 1958 में आ गये तथा सन 1958 से लेकर लगातार उन्होंने सन 2023 में यानि लगभग 65 वर्ष तक गुरुद्वारा पातशाही पहली तथा पातशाही दसवीं गुरुद्वारा साहिब सिरसा तथा इसके अलावा गुरुद्वारा सुहावा साहिब त. तारानगर जिला चुरू (राजस्थान) व गुरुद्वारा साहब नोहर तथा गुरुद्वारा माधोसिंघाना सिरसा में सेवा की। सेवा के दौरान उन्होंने गुरू नानक पब्लिक स्कूल तथा बाबा अजीत सिंह चैरीटेबल हास्पिटल की नींव रखवा कर तथा बिल्डिंग बनानी शुरू की।

अन्त में सन 2023 जून माह में वे गुरू चरणों में जा विराजे। इस मौके पर स. हरपाल सिंह भीका डायरेक्टर हरि हरियाणा पंजाबी साहित्य एकेडमी ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर निर्मल सिंह, लखबीर सिंह गिल, जतिन्द्र सिंह, जसकरण सिंह संधा, जुगराज सिंह, गुरविन्द्र सिंह, सुखदेव सिंह विर्क, अरविन्द्र सिंह वधवा सहित संगत उपस्थित थी।