हरियाणा प्रदेश में 34 करोड़ की बिल्डिंग निर्माण में कमी, सीएम नायब सैनी ने 2 एक्सईएन को किया निलंबित
हरियाणा प्रदेश की बड़ी खबरों में करनाल से हैं। हरियाणा प्रदेश के सीएम ने बिल्डिंग निर्माण में कमी होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। जानकारी के अनुसार जिला परिषद की 34 करोड़ रुपये की 5 मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में कमी पाई गई। इस पर पंचायती राज विभाग के 2 कार्यकारी अभियंताओं (एक्सईएन) को प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी ने निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि इनमें पंचायती राज विभाग के तत्कालीन व वर्तमान में कैथल में तैनात परमिंद्र सिंह और करनाल में तैनात नारायण दत्त शर्मा शामिल हैं। सीएम ने मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में जांच बैठाई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से जांच टीम मौके पर पहुंची और बिल्डिंग का मुआयना किया। बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी कमी संबंधी फोटो सीएम कार्यालय भेजी गई थीं। फोटों में पिल्लरों टेढ़े दिखाई देने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तुरंत संज्ञान लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
सीएम नायब सिंह के निर्देश के बाद एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा और एक्सईएन परमिंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा की देख रेख में चल रहा था। करीबन 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस 5 मंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण के बीच ही बिल्डिंग के ढांचे पर प्रश्र उठ गए और बड़ी कार्रवाई हो गई।
करनाल पहुंची जांच टीम
बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चंडीगढ़ से करनाल पहुंचे। इसके बाद टीम ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और क्वालिटी कंट्रोल विंग की रिपोर्ट को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की।
इस बारे में कार्यकारी अभियंताओं का दावा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उनका अनुसार भवन पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा खींची गई फोटो का एंगिल सही नहीं था, जिसके कारण पिल्लर व बीम टेढ़े दिखाई दिए।
