हरियाणा सरकार 31 जनवरी को मनाएगी गुरु रविदास जयंती, सीएम नायब सिंह सैनी व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल होंगे मुख्य अतिथि
Haryana government will celebrate Guru Ravidas Jayanti on January 31, with Chief Minister Nayab Singh Saini and Union Minister Manohar Lal as chief guests
हरियाणा प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा सरकार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाएगी। उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह 31 जनवरी को कुरुक्षेत्र जिले के उमरी में आयोजित किया जाएगा।
इस समारोह में हरियाणा प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि समारोह की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार स्वयं करेंगे। समारोह के भव्य आयोजन के प्रबंध के लिए ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहाकार श्री सुदेश कटारिया उनके साथ विशेष सहयोग करेंगे।
श्री कृष्ण लाल पंवार सोमवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ-साथ प्रदेशभर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस समारोह में भाग लेने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा, ताकि गुरु रविदास जी के विचारों और संदेशों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान संत थे। उन्होंने अपने उपदेशों और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और जातिगत असमानता के विरुद्ध सशक्त आवाज उठाई। गुरु रविदास जी के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और समानता का संदेश देने के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
श्री पंवार ने कहा कि हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के तहत निरंतर उनकी जयंती और स्मृति समारोह आयोजित करती आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का उद्देश्य है कि नई पीढ़ी संत-महापुरुषों के जीवन, विचारों और कार्यों से प्रेरणा लेकर सही दिशा में आगे बढ़े।
