हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का ऐलान, चार लेबर कोड व रोडवेज निजीकरण के खिलाफ इस दिन होगा चक्का जाम: चाहर
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजिस्टर्ड नंबर 1 (सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) ने 12 फरवरी 2026 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी में 21 व 22 जनवरी 2026 को सभी डिपो कमेटीयों ने राज्य कमेटी के आवाह्न पर प्रदर्शन करते हुए 12 फरवरी कि हड़ताल का निर्णय लेते हुए महाप्रबंधकों के द्वारा सरकार को नोटिस भेजा गया। सिरसा महाप्रबंधक को नोटिस देते समय संयुक्त कर्मचारी संघ महासचिव चमन लाल स्वामी, सिरसा डिपो से हरियाणा रोडवेज का ऑडिटर रोहतास बाजेकां, शमशेर सिंह स्टेट बॉडी नेता, सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर व डिपो सचिव सतपाल सिंह रानियां ने प्रैस बयान जारी करते हुए बताया कि हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजिस्टर्ड नंबर 1 सभी डिपो ने 22 जनवरी को सभी महाप्रबंधकों को हड़ताल का नोटिस सौंप दिया था, लेकिन सिरसा डिपो किसी कारणवश लेट हो गया,
लेकिन बुधवार को सिरसा डिपो महाप्रबंधक को हड़ताल का नोटिस देते हुए कहा कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कार्यक्रम में मांग करते हुए निजीकरण की नीतियों व कर्मचारी मजदूरी विरोधी चारों लेबर कोडो रद्द करने की मांग करते हुए आठवें वेतन आयोग का गठन समान काम समान वेतन। पुरानी पेंशन बहाली व सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की गई। ओर खाली पदों पर भर्ती करें, प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान ने बताया कि हरियाणा सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर कि बातचीत में विभाग के कर्मचारियों की बनाई गई तबादला नीति खामियों पर यूनियन लिखित आपत्तिजनक तबादला नीति रद्द करने की मांग कर चुकी है।
प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर व सचिव सतपाल सिंह ने मांग कि अब सरकार चालकों व परिचालकों का आपसी स्थानांतरण किया जाए और कर्मचारियों को अपने गृह जिले में भेजा जाए। अगर फिर भी सरकार पॉलिसी लागू करना चाहती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे व ऑनलाइन तबादला नीति का डट कर विरोध करेंगे।
प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान ने कहा कि सरकार अपने वायदे के अनुसार सभी खाली पदों पर प्रमोशन करें। राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद महासचिव सुमेर सिवाच ने बताया 22 मई 2025 को महानिदेशक के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उनमें चालकों, लिपकों, परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, चालक व परिचालकों को एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान करने, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को मिलने वाले देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति एक वर्ष में 33 अवकाश देनेए व चालकों की पदोन्नति के लिए 194 पोस्ट अड्डा इंचार्ज बनाने, कर्मशाला में ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर करने और तकनीकी वेतनमान देकर सभी पदों पर पदोन्नति का लाभ देने, 2008 के भर्ती परिचालकों को खाली उपनिरीक्षक के पद पर शीघ्र से शीघ्र प्रमोशन करने,
10 वर्ष के बकाया बोनस का भुगतान करने। चालक व परिचालकों के साथ झगड़े मामले में सख्त कार्यवाही नियम बनाने, सभी महाप्रबन्धकों को डिपो स्तर की मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यालय पत्र अनुसार बातचीत कर समस्याओं का समाधान करने, निजीकरण बंद कर विभाग में 10 हजार बसें शामिल करने, चालकों का वेतनमान 53100 परिचालकों व लिपिको का वेतनमान 35400 लागू करवाने आदि मांगों को पूरा करे। चाहर ने बताया कि सरकार व परिवहन मंत्री बातचीत से समस्याओं का समाधान नहीं करते है तो बड़े से बड़े आंदोलन से रोडवेज कर्मचारी पीछे नहीं हटेगा। अगर 12 फरवरी के प्रदर्शन के बाद भी अधिकारी व सरकार नहीं जागे तो बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
