home page

HARYANA सरकार की अनदेखी पर रोडवेज सांझा मोर्चा ने की बैठक, मांगों पर संज्ञान न लेने पर कर्मचारियों में रोष, संज्ञान नहीं लेने पर 13 जनवरी को होगी फिर से बैठक

 | 
HARYANA: Roadways Joint Front held a meeting over the government's negligence, employees angry over not taking cognizance of their demands, if no cognizance is taken, another meeting will be held on January

mahendra india news, new delhi
हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपू सांझा मोर्चा द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 के परिपालना में सीनियर जूनियर के लिए एक प्रार्थना-पत्र दिया गया था, लेकिन 5 जनवरी 2026 तक सिरसा डिपू के अधिकारियों द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इससे प्रतीत होता है कि अधिकारियों की मंशा कर्मचारियों के प्रति अच्छी प्रतीत नहीं होती है। इसलिए सोमवार को फिर से मीटिंग बुलाई गई,

जिसमें हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ 644 डिपू प्रधान संतबीर कड़‌वासरा, सर्व कर्मचारी संघ डिपू प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर, महासंघ युनियन प्रधान रिछपाल, बीएमएस युनियन डिपू प्रधान सुरेन्द्र निराणियां, जागृति मंच डिपू से सचिव नरेश, स्टेट बाडी से कुलदीप पाबड़ा, चमनलाल स्वामी व सांझा मोर्चा के सभी पदाधिकारी व सिरसा डिपू समस्त कर्मचारी शामिल थे।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो 13 जनवरी को मीटिंग आयोजित की जाएगी। इस मौके पर सतबीर प्रधान सिंह कड़वासरा, रिछपाल सिद्धू, शेर सिंह, प्रवीण कुमार, दाताराम, अजय सिंह, बिट्टू, सुरेंद्र सिंह निराणिया, अमरजीत सिंह, नरेश कुमार, अशोक, रविंद्र सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

WhatsApp Group Join Now


ये है कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
ट्रैफिक ब्रांच में कार्यरत कर्मचारियों को ड्यूटी सैक्सन में समायोजित किया जाए। स्थाई डीआई नियुक्त किया जाए। अन्य ड्‌यूटी पर लगे चालक-परिचालक व एचकेआरएन कर्मचारियों के सीनियर व जूनियर की अनियमितताओं को सही किया जाए व बिमार व्यक्ति को सीट पर लगाया जा सकता है।

सर्वे किए जा चुके रूटों पर नये किलोमीटर लागू किए जाएं व नये सिरे से ओवर टाइम निर्धारित किए जाएं। चालक-परिचालकों को रात्री ठहराव दिए जाने बारे में स्पष्अ निर्देश जारी किए जाएं। सीनियर-जुनियर के हिसाब से एचकेआरएन-2018, 2014, 2012 व 2008 के कर्मचारियों से कितने घण्टे ओवर टाइम करवाया जाता है स्पष्ट आदेश जारी करें। कर्मशाला में बाथरूम में बहुत ज्यादा गंदगी है व कर्मशाला के टायलेट, बाथरूम, विश्रामगृह में नियमित सफाई करवाई जाए।

चालकों की विश्राम गृह में बार-बार शिकायतें आती है कि कर्मशाला में बसों से तेल व सामान चोरी होता है। इसलिए चण्डीगढ़ कर्मशाला की भांति सिरसा कर्मचारी कर्मशाला में कैमरे लगाए जाएं, ताकि चोरियों पर लगाम लगे।