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देश की पहली हाइड्रोजन गैस ट्रेन से हरियाणा रचेगा इतिहास, ढाई हजार यात्रियों को लेकर 140 किमी स्पीड से दौड़ेगी

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Haryana will create history with the country's first hydrogen gas train, which will run at a speed of 140 kmph carrying 2,500 passengers
mahendra india news, new delhi

देश की पहली हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौडऩे के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसी सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर इस अत्याधुनिक ट्रेन के लोड चेक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इस सफल ट्रायल के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही यह पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन नियमित रूप से पटरी पर दौडऩे लगेगी.

जानकारी के अनुसार जींद से ही यह ट्रेन 20 जनवरी के बाद सोनीपत के लिए पहली बार रवाना होगी। यह ट्रेन व हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग के लिए लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन (आरडीएसओ) की 2 टीमें भी हरियाणा प्रदेश के जींद पहुंच चुकी हैं। 


बताया जा रहा है कि यह टीमें प्लांट की मशीनों की टेस्टिंग कर रही हैं। इसके बाद ट्रेन के उपकरण व अन्य सामान की टेस्टिंग के बाद हरी झंडी देगी। यह ट्रेन पूरी तरह से देश में डिजाइन और विकसित की गई है। ब्रॉड गेज लाइन पर चलने वाली यह विश्व की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (2400 किलोवाट) हाइड्रोजन ट्रेन है। यह एक बार में 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। 360 किलो हाइड्रोजन से 180 किमी का सफर तय कर सकती है। यानी एक किलोमीटर की दूरी तय करने में 2 किलो हाइड्रोजन खर्च होगी। दूसरी तरफ डीजल गाड़ी साढ़े 4 लीटर में एक किलोमीटर चलती है। 

इसकी अधिकतम स्पीड 140 किमी प्रति घंटा है। 1,200 हॉर्स पावर यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इस पर 82 करोड़ रुपये लागत आई है। 


देश हाइड्रोजन ट्रेन वाला आठवां देश
ट्रेन के कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में तैयार किए गए हैं। इसका परीक्षण भी कामयाब हो चुका है। भारत देश जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, फ्रांस, स्वीडन के बाद हाड्रोजन ट्रेन वाला आठवां देश बन गया है। ट्रेन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा व बेहतर सफर का नया अनुभव मिले। ट्रेन-सेट में 2 ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) शामिल हैं। इनमें प्रत्येक की क्षमता 1200 किलोवाट व कुल मिलाकर 2400 किलोवाट शक्ति के साथ 8 यात्री कोच लगाए गए हैं।

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अजय माइकल, सीपीआरओ, नई दिल्ली ने बताया कि ट्रेन और रेलवे स्टेशन पहुंच गई है। अभी ट्रैक पर ट्रायल होगा, इसके बाद ट्रेन रवाना होगी। तारीख तय होनी बाकी है। 
 
संजय, मैनेजर, हाइड्रोजन प्लांट, जींद ने बताया कि अभी रेलवे की तरफ से ट्रेन संचालन और प्लांट के उद्घाटन को लेकर कोई तारीख निर्धारित नहीं हो सकी है। हमने अपनी तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर तो हैं।