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हरियाणा में गर्मी से मिलेगी राहत, इस दिन होगी झमाझम बरसात

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हरियाणा में गर्मी से मिलेगी राहत, इस दिन होगी झमाझम बरसात

mahendra india news, new delhi


हरियाणा प्रदेश में पिछले कई दिनों से गर्मी का असर बढ़ रहा है। प्रदेश के मौसम में आने वाले समय बदलाव देखने को मिलेगा।
कृषि मौसम विज्ञान विभाग चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हरियाणा राज्य में  मौसम आमतौर पर 29 मई तक खुश्क रहने व बीच बीच में दक्षिण पश्चिमी गर्म हवाएं चलने की संभावना है जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने तथा लू चलने की भी संभावना  है। परंतु 29 मई को एक पश्चिमीविक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढऩे तथा राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने की संभावना है जिसके आंशिक प्रभाव से 29 मई रात्रि  से 1 जून के दौरान हरियाणा राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादलवाई  रहने तथा बीच बीच में धूल भरी हवाएं चलने व कहीं कहीं गरजचमक के साथ बूंदाबांदी  या हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट की संभावना है।
डॉ मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष
कृषि मौसम विज्ञान विभाग
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार


13 प्रदेशों में बरसात, ओले गिरने का अलर्ट, आंधी भी चलेगी
मौसम में आज मंगलवार यानि 26 मई को भंयकर बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक यूपी, बिहार समेत 13 प्रदेशों के लिए बरसात-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों में लू चल सकती है।
पूर्वी राज्यों में आंधी के साथ बिजली और वज्रपात आफत गिरा सकती है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी चेतावनी है। वहीं, दक्षिण बिहार और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। मध्य असम और आसपास के इलाकों में भी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं। तो चलिए हम आपलोगों को देश के बाकी राज्यों में कल के मौसम का हाल बताने जा रहे हैं। हम आपलोगों को जिलावार भी बारिश का हाल बताएंगे।



मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढऩे के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं।


एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। दक्षिण बिहार और आसपास के इलाकों पर समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।


दक्षिण बिहार से लेकर झारखंड और ओडिशा होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक उत्तर-दक्षिण ट्रफ फैली हुई है, जो समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर तक विस्तारित है। मध्य असम पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।


एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

मौसम की संभावित गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बरसात के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।


नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा कोंकण एवं गोवा में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।


उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, तेलंगाना, विदर्भ, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है।