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हरियाणा, राजस्थान, पंजाब समेत 12 प्रदेशोंं में होगी झमाझम बरसात, ओले गिरने व तूफान का अलर्ट

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Heavy rain, hailstorm and storm alert in 12 states including Haryana, Rajasthan and Punjab
mahendra india news, new delhi
मौसम में आज बुधवार यानि 25 मार्च को भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यूपी, बिहार, पंजाब समेत 12 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके कुछ जगहों पर नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश संभव।

सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना।

26–27 मार्च को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
27 मार्च को उत्तराखंड में हल्की बारिश संभव। 26 मार्च व 27 मार्च को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक हो सकती है। अगले 3 दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्व भारत में तापमान 3 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है।

इस बरसात के कारण से पूरे मार्च में अब गर्मी से राहत रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगे भी बरसात का सिलसिला जारी रहेगा।



मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च 2026 को दिल्ली के कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। इस दौरान बादल भी गरजेंगे, साथ ही 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चलेगी।
आईएमडी के मुताबिक 27 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 28 मार्च 2026 को राजस्थान में बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा के झोंके चलेंगे।
मौसम विभाग के मुताबिक 29 मार्च और 30 मार्च 2026 को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में तेज आंधी-बारिश की चेतावनी है।

एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है।

दूसरा चक्रवाती परिसंचरण मध्य प्रदेश के मध्य भागों में स्थित है।

एक ट्रफ मध्य प्रदेश से विदर्भ और मराठवाड़ा होते हुए उत्तर मध्य महाराष्ट्र तक फैली हुई है। एक अन्य ट्रफ गल्फ ऑफ मन्नार से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक फैली है।

लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे-पहला 22 मार्च से और दूसरा 28 मार्च से।