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HARYANA में फसल तुड़वाई उपरांत पैकिंग और परिवहन के लिए बागवानी किसानों को मिलेगी 70 % तक सहायता राशि

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इसके अलावा, व्यक्तिगत उत्पादकों और एफपीओ द्वारा अपने सदस्यों से राज्य के बाहर बागवानी उपज परिवहन की माल ढुलाई के लिए 70 % तक अनुदान सुविधा दी जाती है जिसमें प्रति कलस्टर या एफपीओ को अधिकतम 15 लाख रुपये तक और प्रति किसान को 1.50 लाख रुपये तक की सीमा निर्धारित की गई है।

mahendra india news, new delhi
उद्यान विभाग HARYANA द्वारा किसानों को फसल तुड़वाई - कटाई उपरांत उत्पादों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न उपकरणों एवं संसाधनों पर लागत का 70 प्रतिशत तक सहायता राशि प्रदान की जाती है। विभाग की इस योजना के तहत किसानों, उत्पादक समूहों और FPO (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) को पैकिंग, भंडारण और परिवहन से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं पर आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर हो सके।

योजना के अंतर्गत कटाई से संबंधित उपकरण जैसे क्लिपर, कटाई बैग और तिरपाल शीट पर निर्धारित लागत मूल्य की 50 % तक सहायता राशि दी रही है। इन उपकरणों की इकाई लागत लगभग 700 रुपये प्रति टूल किट निर्धारित की गई है, जिसमें प्रति क्लस्टर 50 टूल किट तक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को कटाई के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी।


इसी प्रकार प्लास्टिक क्रेट्स (20 किलोग्राम क्षमता) पर भी 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है। प्रति क्रेट की निर्धारित लागत 310 रुपये है और यह सुविधा 150 सदस्यों तक प्रति सदस्य 50 क्रेट्स की सीमा निर्धारित की गई है, जिससे उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और परिवहन में सुविधा होगी।

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किन्नू के लिए पैकिंग सामग्री (10 किलो बॉक्स) पर 50 % अनुदान दिया जा रहा है, जिसकी इकाई लागत 34 रुपये प्रति बॉक्स है। इस योजना के तहत प्रति किसान 1250 बॉक्स तक की सहायता दी जाएगी। इसी प्रकार स्ट्रॉबेरी और मशरूम के लिए 2 किलो के बॉक्स (8 पुनेट सहित) पर भी 50 % अनुदान उपलब्ध है, जिसकी लागत 65 रुपये प्रति बॉक्स निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, व्यक्तिगत उत्पादकों और एफपीओ द्वारा अपने सदस्यों से राज्य के बाहर बागवानी उपज परिवहन की माल ढुलाई के लिए 70 % तक अनुदान सुविधा दी जाती है जिसमें प्रति कलस्टर या एफपीओ को अधिकतम 15 लाख रुपये तक और प्रति किसान को 1.50 लाख रुपये तक की सीमा निर्धारित की गई है।