हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिए अह्म निर्णय
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सिरसा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन, रजि. नं. 01 सम्बन्धित (सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं एआईआरटीडब्ल्यूएफ) प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने बताया कि हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन महासचिव सुमेर सिवाच द्वारा किया गया। बैठक में महासचिव द्वारा अवगत कराया गया कि परिवहन विभाग का निजीकरण किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों में कच्चे कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है तथा रोडवेज विभाग को बड़े पूंजीपतियों को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती कर चार श्रम संहिताएं थोपी जा रही हैं, जिनसे हड़ताल एवं सामूहिक सौदेबाजी जैसे अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। साथ ही बैठक में यह भी संज्ञान में लाया गया कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल को कमजोर करने के लिए रोडवेज के चालकों को अग्निशमन विभाग में भेजा जा रहा है। रोडवेज चालकों को अग्निशमन वाहन चलाने का प्रशिक्षण/अनुभव नहीं है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
सोनीपत डिपो के एक चालक की ड्यूटी के दौरान वाहन से गिरने से पैर फ्रैक्चर हो चुका है। बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिए गए 1 मई 2026, मजदूर दिवस के अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में पूर्ण भागीदारी की जाएगी। 4 मई 2026 को अग्निशमन विभाग के हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में प्रदेशभर के सभी डिपो पर 2 घंटे का प्रदर्शन किया जाएगा तथा महानिदेशक, परिवहन को महाप्रबंधकों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
24 मई 2026 को अंबाला स्थित परिवहन मंत्री के आवास पर रोडवेज कर्मचारियों द्वारा मास डेपुटेशन एवं प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान कच्चे कर्मचारियों से पक्का करने संबंधी याचिका फॉर्म भरवाकर मंत्री महोदय को सौंपे जाएंगे। सरकार से मांग की जाती है कि अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। यदि समाधान नहीं किया गया तो रोडवेज कर्मचारी भी अग्निशमन विभाग के आंदोलन में शामिल होने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा मई-जून माह में यूनियन का मेंबरशिप अभियान चलाया जाएगा मेंबरशिप पूरी होने पर आगामी डिपो सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे। मीटिंग में राज्य उपाध्यक्ष शिवकुमार सोराण, राज्य कैशियर सुशील ईकश, मुख्य संगठन सचिव रमेश श्योकन्द, उप प्रधान जयकवार दहिया, आॅफिस सचिव सतबीर मुंडाल व राज्य कमेटी सदस्य कृष्ण गुलियाना सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
परिवहन विभाग का निजीकरण तत्काल प्रभाव से रोका जाए। विभाग के बेड़े में 10 हजार नई बसें शामिल की जाएं। न्यायालय के आदेशानुसार एचकेआरएन व अन्य सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए तथा भविष्य में केवल पक्की भर्ती की जाए। चालकों का वेतनमान 53,100 एवं परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35,400 लागू किया जाए। चालक व परिचालकों को एक माह में 30 रात्रि ठहराव का भुगतान किया जाए। सभी कर्मचारियों को पूर्व की भांति देय अर्जित अवकाश लागू किया जाए तथा एक वर्ष में 33 अवकाश दिए जाएं। चालकों की पदोन्नति हेतु 194 पोस्ट अड्डा इंचार्ज की सृजित की जाएं।
कर्मशाला के ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर कर तकनीकी वेतनमान देकर पदोन्नति का लाभ दिया जाए। 2008 में भर्ती परिचालकों को रिक्त उप-निरीक्षक के पदों पर शीघ्र पदोन्नत किया जाए। 10 वर्ष के बकाया बोनस का भुगतान किया जाए। चालक व परिचालकों से झगड़े/मारपीट के मामलों में सख्त कार्यवाही की जाए। कर्मचारियों पर थोपी जा रही चारों श्रम संहिताएँ वापस ली जाएं। हड़ताल एवं सामूहिक सौदेबाजी के अधिकारों की रक्षा की जाए। अग्निशमन विभाग में प्रतिनियुक्त रोडवेज चालकों को तत्काल वापस बुलाया जाए तथा घायल चालक के इलाज का खर्च एवं मुआवजा अग्निशमन विभाग द्वारा वहन किया जाए।
