गांव हंजीरा में मनरेगा में मर चुके लोगों ने किया काम, 7 मर चुके लोगों को मनरेगा में माइनर की सफाई व अन्य काम पर दिखाया
नाथूसरी चौपटा के गांव हंजीरा में मनरेगा के अंदर गोलमाल हुआ है। यहां पर स्वर्ण सुधार चुके लोगों को काम पर दिखाया गया है। यानि 7 मर चुके लोगों को काम पर दिखाया गया है। पोर्टल पर मृतकों ने मरम्मत का कार्य किया है। इस सुनकर सब हैरान है।
राजकीय रिकॉर्ड में मनरेगा मजदूरी करते रहे मृतक, पोर्टल पर हाजिरी लगती रही और ख्खातों में मनरेगा मजदूरी जाती रही। इस खेल ने डिजिटल सिस्टम, पंचायत प्रशासन व अधिकारियों की पोल खोल दी।
जानकारी के अनुसार 6 से 7 मृतक व्यक्तियों के नाम से कुताना माइनर सफाई, गली निर्माण जैसे कार्य दिखाकर मस्टर रोल में एक सौ बतीस दिन की हाजिरी लगाकर करीबन 50 हजार रुपये से अधिक की मजदूरी निकाल ली गई।
गांव निवासी हनुमान ने दिशा व ग्रीवांस कमेटी में शिकायत दर्ज करवाकर आरोप लगाया गया कि मृत मजदूरों के नाम से मनरेगा में हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि निकाली गई। सरपंच प्रतिनिधि बंसीलाल ने इन लगे आरोप से इनकार कर दिया है। जबकि सिरसा के सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव हंजीरा में गड़बड़ी की जांच करवाई जाएगी।
मृतकों के परिजन बोले नहीं ली राशि
गांव के इंद्रपाल की 29 जून 2024 को सडक़ हादसे में मौत हो गई। वहीं गांव की कलावती की 21अगस्त 2017 को मौत हो गई। वहीं गांव निवासी नेतराम की 15 दिसंबर 2019 को मौत हो गई। गांव निवासी जगमाल की 1४ अप्रैल 2022 को, रमेश कुमार की 30 जनवरी 2017 को मौत हो चुकी है। इनको अलग अलग दिनों में मजदूरी करते हुए दिखाया गया है। जबकि मृतकों के परिजनों ने कहा कि हमने इनकी मनरेगा मजदूरी नहीं ली है।
