HARYANA में सब्जियों की एकीकृत फसलों पर दिया जा रहा है प्रति एकड़ 15 से 25 हजार रुपये का अनुदान
In Haryana, a subsidy of Rs 15,000 to 25,000 per acre is being given for integrated vegetable crops
Mahendra india news, new delhi
समय के साथ-साथ खेती के तौर तरीकों में हो रहे बदलावों के प्रति छोटे व सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में एकीकृत सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को 25 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
किसान सूक्ष्म सिंचाई या टपका सिंचाई प्रणाली का उपयोग कर कम पानी वाली फसलों से अधिक मुनाफा कमा सकें, इसके लिए सरकार द्वारा सब्जियों की एकीकृत फसलों पर अनुदान दिया जा रहा है।
चूंकि जिला में निरंतर घटता भूजल स्तर चिंता का विषय है, ऐसे में सब्जियों की खेती एक बेहतर विकल्प है। सब्जियों को उगाना इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि बाजार में ताजी सब्जियों की मांग हर समय बनी रहती है व इसकी बिक्री के बाद तुरंत नगद भुगतान मिल जाता है। किसान इसे बेचकर लगातार अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। सब्जियों की खेती पर सरकार द्वारा अनुदान देने के साथ साथ निरंतर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे है।
जिला बागवानी अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत उपरोक्त अनुदान स्कीम के माध्यम से एक किसान को यह मदद अधिकतम 5 एकड़ तक के लिए दी जा सकती है। शर्तों को पूरा करने पर यह पैसा सीधे किसान के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अनुदान का पात्र होने के लिए आपका वेबसाइट www.hortharyana.gov.in/en पर रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। बागवानी विभाग में चल रही विभिन्न स्कीमों के तहत किसानों को अनुदान का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा आवेदन से पहले सभी किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। साथ ही किसान के पास परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड व जमीन के कागजात होना भी आवश्यक है। इस विषय में और अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्यदिवस में जिला बागवानी अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं
