HARYANA में कार्यस्थल पर दुर्घटना से पीड़ित श्रमिकों को मिलती है वित्तीय सहायता, योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी
In Haryana, workers suffering from workplace accidents get financial assistance, these documents are necessary for the scheme
Mahendra india news, new delhi
Haryana Governmentद्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जहां पंजीकृत निर्माण कामगार को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, वहीं पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने पर अपंग % के आधार पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता एक लाख रुपए से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर 3000 रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिक को 50 % अपंग होने की स्थिति में 100000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, वहीं 51% से 75% तक अपंग होने की स्थिति में 200000 रुपए की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत श्रमिक के 76 % या उससे अधिक अपंग प्रतिशतता होने पर तीन लाख रुपए श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकृत कामगार की संक्रामक बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना से अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी :
पंजीकृत श्रमिक को योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग HARYANA द्वारा स्थाई अपंगता होने संबंधी जारी किए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित अधिकारी की जांच उपरांत अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
