सिरसा में 98 वर्षीय शांति बाई ने परीक्षा देकर दिया साक्षरता का प्रेरणादायक संदेश
mahendra india news, new delhi
उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 20 सितंबर 2026 को सिरसा जिले में आकलन परीक्षा का आयोजन किया गया। जिलेभर में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक परीक्षा में भाग लिया। 21 सितंबर तक सभी परीक्षा केंद्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार चार हजार से अधिक शिक्षार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। जिले में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने-लिखने तथा दैनिक जीवन में आवश्यक बुनियादी ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत निरंतर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में शिक्षार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने के लिए 20 सितंबर को परीक्षा आयोजित की गई।
जिले में उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 44,512 शिक्षार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। आकलन परीक्षा के लिए जिले में 295 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस परीक्षा में चार हजार से अधिक शिक्षार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान शिक्षार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इससे पूर्व भी जिले के बड़ी संख्या में शिक्षार्थी उल्लास आकलन परीक्षा में भाग ले चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 23,911 शिक्षार्थी पहले ही आकलन परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। मार्च 2026 में आयोजित परीक्षा में 6,357 तथा सितंबर 2025 में आयोजित परीक्षा में 2,938 शिक्षार्थियों ने भाग लिया था।
98 वर्षीय शांति बाई ने पेश की प्रेरणादायक मिसाल:
उल्लास परीक्षा में रानियां क्षेत्र की 98 वर्षीय शांति बाई ने परीक्षा में शामिल होकर साक्षरता के प्रति प्रेरणादायक संदेश दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने पूरे उत्साह के साथ परीक्षा दी। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम समाज के उन लोगों को शिक्षा और साक्षरता से जोड़ने का महत्वपूर्ण अभियान है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। 20 सितंबर को आयोजित आकलन परीक्षा में चार हजार से अधिक शिक्षार्थियों की भागीदारी उत्साहजनक है। शांति बाई जैसी शिक्षार्थियों की सहभागिता यह संदेश देती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक निरक्षर व्यक्तियों को साक्षरता के इस अभियान से जोड़ा जाए और उन्हें पढ़ने-लिखने के साथ दैनिक जीवन में आवश्यक बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने परीक्षा में भाग लेने वाले सभी शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, उल्लास नोडल अधिकारियों, शिक्षकों तथा परीक्षा आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। डॉ. पी.डी. बैनीवाल, जिला नोडल अधिकारी उल्लास, ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम को जिले में जन-जन तक पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यरत नोडल अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं। 20 सितंबर को आयोजित आकलन परीक्षा में चार हजार से अधिक शिक्षार्थियों का शामिल होना इस सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षार्थी को साक्षरता के माध्यम से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाना है। हम प्रयास करेंगे कि जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति साक्षरता के इस अभियान से वंचित न रहे।
सफल शिक्षार्थियों को दिए जाएंगे प्रमाण-पत्र:
उल्लास आकलन परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रमाण-पत्र शिक्षार्थियों को उनकी उपलब्धि का औपचारिक प्रमाण देने के साथ-साथ आगे सीखने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे।
