शैक्षणिक भ्रमण में मृदा एवं जल के विभिन्न मानक pH, नमी, पोषक तत्व एवं लवणता के विश्लेषण की दी जानकारी
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा पीएच.डी. शोधार्थियों एवं एमएससी. बॉटनी द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। यह शैक्षणिक भ्रमण कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सिरसा के मृदा परीक्षण कार्यालय में संपन्न हुआ। यह भ्रमण विभागाध्यक्ष प्रो. एम.के. किदवई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोगशाला तकनीकों, नमूना संग्रहण की सही विधियों तथा मृदा एवं जल के विभिन्न मानकों जैसे pH, नमी, पोषक तत्व एवं लवणता के विश्लेषण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रयोगशाला में प्रयुक्त उपकरणों एवं परीक्षण प्रक्रियाओं का प्रदर्शन भी किया। विद्यार्थियों ने मृदा एवं जल नमूनों की जांच की संपूर्ण प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक देखा और सक्रिय रूप से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस भ्रमण से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन में किस प्रकार लागू किया जाता है। इससे पर्यावरण अध्ययन एवं कृषि अनुसंधान के प्रति उनकी रुचि और अधिक प्रबल हुई। भ्रमण के दौरान सभी सुरक्षा निर्देशों एवं प्रयोगशाला नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया तथा विद्यार्थियों ने अनुशासन एवं उत्साह का परिचय दिया।
वनस्पति विज्ञान विभाग ने मृदा परीक्षण कार्यालय के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल एवं समग्र सीखने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल एवं मृदा विश्लेषण के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था,
ताकि वे प्रयोगात्मक ज्ञान को वास्तविक प्रयोगशाला परिस्थितियों में समझ सकें। मृदा परीक्षण कार्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए किसानों के लिए मृदा एवं जल परीक्षण के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य का फसल उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ता है तथा बेहतर कृषि परिणामों के लिए नियमित परीक्षण आवश्यक है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सहायक प्राध्यापक ज्योति रानी, डॉ. नीलमा ढांडा, ममता एवं संदीप का विशेष सहयोग रहा। सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को इस शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रेरित एवं मार्गदर्शित किया।
