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करियर काउंसलिंग एवं इंडस्ट्री सेल तथा वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन

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Informative training session organized under the joint aegis of Career Counseling and Industry Cell and Commerce Department

 mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के करियर काउंसलिंग एवं इंडस्ट्री सेल तथा वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वीरवार को टैगोर लेक्चर थिएटर में इंटर्नशिप प्रोग्राम हेतु एक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों/यूएसजीएस के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों तथा महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव ही विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को उद्योग की कार्यप्रणाली, कार्य संस्कृति और चुनौतियों को समझने का अवसर प्रदान करती है। यह उनके आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल और पेशेवर दक्षताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सीखना कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए निरंतर सीखते रहना चाहिए।


उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने कौशल को निखारें और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें।

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कार्यक्रम के सफल आयोजन पर करियर काउंसलिंग एवं इंडस्ट्री सेल के निदेशक प्रो. कपिल चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का सशक्त माध्यम हैं।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन इंटर्नशिप विद्या प्राइवेट लिमिटेड, हिसार के मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्ण कुमार एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि कंपनियां अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स, एटीट्यूड और प्रैक्टिकल नॉलेज को प्राथमिकता देती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे इंटर्नशिप के दौरान सीखने की मानसिकता के साथ कार्य करें और हर अनुभव को अपने विकास का हिस्सा बनाएं।