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जेसीडी डेंटल कॉलेज SIRSA में अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल कॉन्फ्रेंस दंत क्रांति 3.0’ का उद्घाटन

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International Virtual Conference 'Dant Kranti 3.0' inaugurated at JCD Dental College, SIRSA

Mahendra india news, new delhi
जेसीडी डेंटल कॉलेज, SIRSA में 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल कॉन्फ्रेंस "डेंट क्रांति 3.0" का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह सम्मेलन 20 एवं 21 जनवरी 2026 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के दंत चिकित्सा विशेषज्ञ, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेसीडी विद्यापीठ के महा निदेशक  प्रो. (डॉ.) जय प्रकाश उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय तिवारी, डीन एवं प्राचार्य, पीजीडीआईएस, रोहतक ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सम्मेलन का शुभारंभ डॉ. अरिंदम सरकार, प्राचार्य, जेसीडी डेंटल कॉलेज, सिरसा द्वारा मुख्य अतिथि एवं अतिथि सम्मान के स्वागत भाषण से हुआ।


उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) जय प्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डेंट क्रांति जैसे कार्यक्रम केवल शैक्षणिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये प्रेरणा, सीख और पेशेवर विकास के महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी करने, प्रश्न पूछने और विशेषज्ञों से अधिकतम ज्ञान प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दंत चिकित्सा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें परिशुद्धता, नैतिकता, करुणा और आजीवन सीखने की भावना आवश्यक है। उन्होंने आयोजन के लिए जेसीडी डेंटल कॉलेज की पूरी टीम को बधाई दी और सम्मेलन की सफलता की कामना की।

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सम्मेलन के मुख्य वक्ता डॉ. संजय तिवारी ने अपने की-नोट व्याख्यान में मैग्नीफिकेशन विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मैग्नीफिकेशन और रेज़ोल्यूशन के संबंध, विभिन्न प्रकार के मैग्नीफिकेशन उपकरणों, प्रकाश व्यवस्था तथा एर्गोनॉमिक्स के नियमों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि मैग्नीफिकेशन से उपचार में अधिक सटीकता आती है और दांतों की संरचना का बेहतर संरक्षण संभव होता है। साथ ही उन्होंने नॉन-सर्जिकल एंडोडॉन्टिक्स में माइक्रोस्कोप के उपयोग पर भी प्रकाश डाला। उनका व्याख्यान अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक रहा।


कार्यक्रम में डॉ. राकेश सिंगला (मॉडरेटर एवं जनरल सेक्रेटरी), डॉ. मधु गर्ग, डॉ. रितु बत्रा, डॉ. अरुण गर्ग, डॉ. पूजा खन्ना एवं डॉ. अशोक गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन से सम्मेलन को विशेष दिशा मिली। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 2000 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। साथ ही डायग्नोस्टिक चैलेंज, ई-पोस्टर, कैप्शन प्रतियोगिता और शॉर्ट फिल्म जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए 350 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को आगामी सत्र में प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।