क्या जुताई करते वक्त ओवरहीट हो रहा ट्रैक्टर? इन गलतियों से सीज हो जाएगा इंजन, यह ट्रिक बचाएगा
mahendra india news, new delhi
इस समय धान की रोपाई का सीजन चल रहा है। भंयकर गर्मी में खेतों में ट्रैक्टर ओवरहीटिंग की समस्या बढ़ रही है. इंजन के अधिक गर्म होने से न केवल काम बीच में रुक जाता है, बल्कि ट्रैक्टर के पार्ट्स खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। सिरसा के बेगू गांव निवासी प्रगतिशील किसान राजेराम ने बताया कि तेज गर्मी में ट्रैक्टर का ओवरहीट होना एक आम परेशानी है. खेतों की धूल-मिट्टी के कारण रेडिएटर की जालियां चोक हो जाती हैं, जिससे हवा का वेंटिलेशन रुक जाता है। इसी के कारण लगातार कई घंटों तक बिना रुके जुताई करने से ट्रैक्टर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ट्रैक्टर के इंजन को सुचारू रूप से चलाने और उसे ठंडा रखने के लिए मोबिल ऑयल का सही स्तर होना जरूरी है.
सावधानियां बरतें
किसान राजेराम ने बताया कि तेज गर्मी में ट्रैक्टर का ओवरहीट होना एक आम परेशानी है, जिसे थोड़े से रखरखाव से रोका जा सकता है. जुताई शुरू करने से पहले रेडिएटर में कूलेंट और पानी का स्तर जरूर जांचें. इसके अलावा, खेतों की धूल-मिट्टी के कारण रेडिएटर की जालियां चोक हो जाती हैं, इससे हवा का वेंटिलेशन रुक जाता है. किसान हर दिन इसकी सफाई करें. इंजन ऑयल कम होने पर घर्षण बढ़ता है, जिससे इंजन हीट मारता है. लगातार काम करने के बजाय ट्रैक्टर को बीच-बीच में छायादार जगह पर आराम देना इंजन की उम्र बढ़ाता है
रेडिएटर की ऐसे करें देखभाल
उन्होंने बताया कि तेज गर्मी में ट्रैक्टर को ठंडा रखने में रेडिएटर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. किसानों को चाहिए कि वे काम पर निकलने से पहले और काम के दौरान भी रेडिएटर में कूलेंट और पानी की मात्रा नियमित रूप से चेक करते रहें. खेत की धूल और सूखी घास अक्सर रेडिएटर की जालियों में फंस जाती है, जिससे हवा का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है. इसे रोज साफ करना बेहद जरूरी है. ट्रैक्टर के इंजन को सुचारू रूप से चलाने और उसे ठंडा रखने के लिए मोबिल ऑयल का सही स्तर होना जरूरी है. अगर इंजन में ऑयल की कमी होगी, तो उसके कल-पुर्जों के बीच फ्रिक्शन बढ़ जाएगा. यह फ्रिक्शन इंजन को बहुत तेजी से गर्म करता है. इसलिए जुताई के इस व्यस्त सीजन में रोजाना काम शुरू करने से पहले ऑयल गेज की मदद से मोबिल ऑयल का स्तर जरूर जांचें।
काम के बीच में ये जरूरी
भीषण गर्मी में मशीनरी पर भी अत्यधिक दबाव पड़ता है, लगातार कई घंटों तक बिना रुके जुताई करने से ट्रैक्टर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है. इस समस्या से बचने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार काम करने के बजाय, हर दो-तीन घंटे की जुताई के बाद ट्रैक्टर को किसी पेड़ की घनी छाया में खड़ा करके थोड़ी देर के लिए आराम दें. इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद जरूरी सावधानियों को अपनाकर किसान भाई अपने ट्रैक्टर को बड़े और महंगे नुकसान से बचा सकते हैं। इसी के साथ ही ओवरहीटिंग की अनदेखी करने पर इंजन सीज हो सकता है, जिससे खेती का काम तो रुकेगा ही, साथ ही हजारों रुपये का फालतू खर्च भी सिर आ जाएगा. समझदारी इसी में है कि थोड़ी सी सतर्कता बरती जाए ताकि बिना किसी बाधा के समय पर खेतों की जुताई पूरी की जा सके।
