कुल्लू-मनाली भ्रमण से लौटे जेसीडी कॉलेज के विद्यार्थी
: जेसीडी विद्यापीठ स्थित जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के विद्यार्थियों का दल हाल ही में कुल्लू-मनाली एवं आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के शैक्षणिक भ्रमण से सफलतापूर्वक लौट आया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोमांचक एवं अनुभवपूर्ण रहा। टूर इंचार्ज डॉ. अमरीक गिल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक दौरे में आर्ट्स, साइंस, बीसीए एवं कॉमर्स सहित विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस शैक्षणिक भ्रमण के लिए विद्यार्थियों के दल को जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ . जय प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा उन्हें सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उन्हें नई परिस्थितियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भ्रमण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन के विभिन्न पहलुओं को व्यावहारिक रूप से समझ पाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जेसीडी विद्यापीठ में सदैव इस बात पर बल दिया जाता है कि विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभवों से भी सीखें। ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को नई सोच, नई ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं, जो उनके भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कुल्लू-मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे माल रोड, हडिम्बा मंदिर, वन विहार, अटल टनल, सिसु पॉइंट, जुगनी वॉटरफॉल, सजला एवं पराशर वॉटरफॉल तथा कोकसर आदि स्थानों का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने कोकसर में स्नो गेम्स और स्केटिंग का आनंद लिया, वहीं कुल्लू में पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों में भाग लेकर रोमांचक अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में कैंपिंग का भी अनुभव लिया, जो उनके लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य प्रो रणजीत सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शैक्षणिक भ्रमण शिक्षा का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों को विभिन्न संस्कृतियों, रहन-सहन एवं सामाजिक परिवेश को समझने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रमण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस भ्रमण में प्राध्यापकगण डॉ. राकेश सैनी, सोमवीर, श्रीमती किरण बाला, चारू एवं आरती भी विद्यार्थियों के साथ रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं अविस्मरणीय रहा। उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों की अद्भुत छटा तथा साहसिक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया।
