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कला तरंगिणी के मंच पर थिरके कदम, गूँजे सुर: जीएनसी में प्रतिभा खोज अभियान का हुआ भव्य समापन

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MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
राजकीय नेशनल महाविद्यालय, सिरसा में विद्यार्थियों की कलात्मक और रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता ‘कला तरंगिणी’ का शुक्रवार को बड़े ही गरिमामयी और उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह ने की, जबकि पूरे आयोजन का कुशल संयोजन सांस्कृतिक गतिविधियों की संयोजिका डॉ. स्मृति कम्बोज की देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रेम कम्बोज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने पुराने संस्थान में पहुँचकर उन्होंने अपने सेवाकाल के दिनों को भावुक होकर याद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और मंचीय आयोजन विद्यार्थियों की झिझक दूर कर उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व की नई ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कला साधना व्यक्तित्व को संपूर्णता प्रदान करती है।

प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह ने सभी प्रतिभागियों के हुनर की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनकी रचनात्मक ऊर्जा को एक सशक्त मंच देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी इस प्रतिभा को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
समारोह के अंतिम दिन विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी शानदार मंचीय प्रस्तुतियों से पूरे परिसर को कला के रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के प्रभावी मंच संचालन की जिम्मेदारी डॉ. साक्षी, डॉ. सरबजीत कौर एवं प्रो. कुणाल ने मिलकर निभाई। विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. सरस्वती और डॉ. करण नड्डा ने निभाई। विद्यार्थियों की लाइव प्रस्तुतियों के दौरान संगीत संगत में गिटार पर विनेश, कीबोर्ड पर विक्रम और तबले पर रमन ने अपनी सुरीली धुन से समां बांध दिया। वहीं, पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर में चाक-चौबंद अनुशासन और शांति बनाए रखने में अनुशासन समिति के प्रभारी डॉ. विवेक गोयल तथा उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान फोटोग्राफी और दृश्य संकलन का कार्य डॉ. सूरज रंजन और प्रो. हैप्पी सिंह ने बखूबी संभाला।


विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणामों के अंतर्गत पंजाबी नृत्य में रजनी बाला ने प्रथम, सेजल ने द्वितीय तथा सिमरजीत सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें प्रशिक्षक की भूमिका डॉ. सरबजीत कौर और डॉ. गुलाबवती ने निभाई। हरियाणवी नृत्य स्पर्धा में डॉ. मीनू रानी के प्रशिक्षण में उदयपाल ने प्रथम, शिवा ने द्वितीय तथा जैस्मिन ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं कंटेम्पररी नृत्य में प्रो. महक के मार्गदर्शन में उदयपाल ने प्रथम, कंचन ने द्वितीय और नीतू ने तृतीय स्थान अर्जित किया। सोलो गायन प्रतियोगिता में वंश एवं भूमिशा ने संयुक्त रूप से प्रथम, रितेश, देव व पलक ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा हिमांशु एवं गगन ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसमें प्रशिक्षक के रूप में प्रो. परमजीत कौर और प्रो. कशिश खट्टर उपस्थित रहीं।
 

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वाद्य यंत्र वादन प्रतियोगिता में प्रशिक्षक डॉ. सीमा रानी और श्री कर्मवीर कौशिक रहे, जिसमें तार शहनाई वादन में लक्ष्यप्रताप ने पहला, सोलो तबला वादन में ज्ञान सिंह ने दूसरा तथा गिटार वादन में जशन ने तीसरा स्थान हासिल किया। रंगमंच विधा के तहत मोनो एक्टिंग और मिमिक्री में प्रशिक्षक डॉ. मंजू मेहता और डॉ. राजकुमारी रहीं। जिसमें मोनो एक्टिंग में गुरमेष ने प्रथम, अमन ने द्वितीय और पल्लवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं मिमिक्री प्रतियोगिता में भी गुरमेष पहले तथा उदयपाल दूसरे स्थान पर रहे। ललित कला वर्ग के अंतर्गत पेंटिंग और कार्टूनिंग स्पर्धाओं में प्रशिक्षक डॉ. साक्षी मेहता, प्रो. जसवंत और प्रो. शोभा रानी रहीं। पेंटिंग प्रतियोगिता में कुमकुम प्रथम, जुगल किशोर द्वितीय तथा मनीषा तृतीय रहीं। वहीं कार्टूनिंग प्रतियोगिता में कुमकुम ने प्रथम, प्रिया ने द्वितीय तथा मनीषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।



कार्यक्रम के अंत में जब निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के अंतिम परिणाम तैयार किए जा रहे थे, उसी दौरान प्रो. कशिश खट्टर ने अपनी खूबसूरत ग़ज़ल और प्रो. मिंटू ने ऊर्जावान पंजाबी गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। समारोह के समापन अवसर पर उप-प्राचार्य डॉ. सत्यपाल ने मुख्य अतिथि, प्राचार्या, निर्णायक मंडल, सहयोगी प्राध्यापकों एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापकगण, कर्मचारी और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्रेस प्रवक्ता डॉ. सूरज रंजन, डॉ. गुलाबवती और प्रो. हैप्पी सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय ‘कला तरंगिणी’ अभियान के माध्यम से कई नई व होनहार प्रतिभाएं सामने आई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इन सभी विजेता प्रतिभागियों को महाविद्यालय प्रशासन द्वारा नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, साथ ही आगामी विश्वविद्यालय स्तरीय जोनल युवा महोत्सव के लिए भी इन्हें विशेष मंच व प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।