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केरल में गहराया पर्यावरण, आजीविका और प्रशासनिक संकट: कुमारी सैलजा

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Kerala faces deepening environmental, livelihood and administrative crisis: Kumari Selja
 पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं SIRSA सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि केरल इस समय पर्यावरणीय अस्थिरता, आजीविका संकट और प्रशासनिक विफलताओं से जुड़ी एक गंभीर एवं आपस में जुड़ी हुई समस्या का सामना कर रहा है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सबसे गंभीर मुद्दा मानव-वन्यजीव संघर्ष का है, जो अब एक बड़े जनसुरक्षा और आजीविका संकट का रूप ले चुका है, विशेषकर इडुक्की, वायनाड और पलक्कड़ जैसे क्षेत्रों में। पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और हजारों लोग घायल हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद सरकार की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं दिखाई देती। कई प्रभावित क्षेत्रों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं, जिससे चुपचाप विस्थापन और असुरक्षा बढ़ रही है। किसानों और ग्रामीणों को फसल नुकसान के मुआवजे में देरी और अपर्याप्त भुगतान का सामना करना पड़ रहा है, जो व्यवस्था की कमियों को दर्शाता है और लोगों की आजीविका तथा सम्मान दोनों को प्रभावित करता है।

सांसद ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र भी गंभीर संकट में है। बढ़ती लागत, कमजोर ढांचा, सीमित बाजार पहुंच और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने इस पेशे को अस्थिर बना दिया है। तटीय कटाव और मौसम की अनिश्चितता स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। कोच्चि जैसे तटीय शहरों में बार-बार बाढ़ की समस्या बढ़ रही है, जिससे घरों, बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और लोगों की असुरक्षा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) इन समस्याओं के समाधान के लिए जनकेंद्रित और तकनीक आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए रोकथाम उपाय, आजीविका सुदृढ़ीकरण, मत्स्य क्षेत्र का आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक जलवायु रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा कि यूडीएफ जवाबदेही, पारदर्शिता और सतत विकास के माध्यम से लोगों की सुरक्षा, आजीविका की मजबूती और केरल के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।