किसान आईडी बनेगी अन्नदाता की डिजिटल पहचान, किसान आईडी से मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
mahendra india news, new delhi
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिला के किसानों की किसान आईडी बनाई जा रही है। किसान आईडी किसानों की एक यूनिक डिजिटल पहचान होगी, जिसमें किसान की जमीन, फसल, बैंक खाता और अन्य आवश्यक जानकारी सुरक्षित रहेंगी। इस आईडी के माध्यम से सरकार किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दे सकेंगी।
भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ इस किसान आईडी के माध्यम से ही मिल पाएगा जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, फसल ऋण व अन्य कृषि ऋण, डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरक, कृषि यंत्र एवं उपकरणों पर अनुदान, कृषि विभाग की सभी नई व पुरानी योजनाएं शामिल हैं। जिन किसानों की किसान आईडी नहीं होगी, उन्हें इन योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो सकता है। किसान आईडी से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि समय पर भुगतान भी सुनिश्चित होगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर किसान तक सही लाभ सही समय पर पहुंचे।
किसान आईडी बनवाने के लिए ये हैं आवश्यक दस्तावेज
एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनवाने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, जमीन की फर्द या भूमि रिकॉर्ड अथवा ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल का प्रिंट आदि होना आवश्यक है। इन दस्तावेजों के आधार पर किसान की पहचान सत्यापित कर आईडी तैयार की जाएगी। किसान अपनी किसान आईडी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी आसानी से बनवा सकते हैं या किसान स्वयं भी अपने मोबाइल के माध्यम से किसान आईडी बना सकते हैं। इसके अलावा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व राजस्व विभाग द्वारा भी कैंप लगाए जाते हैं, जिसके अंदर भी किसान आईडी बनाई जाती है। कैंपों में मौजूद अधिकारी किसान आईडी से संबंधित जानकारी सत्यापन करते हैं।
कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाएगी किसान आईडी
किसान आईडी से कृषि क्षेत्र में एक मजबूत डिजिटल व्यवस्था विकसित होगी। इससे योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा और साथ ही किसानों की समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकेगा। समय रहते किसान आईडी न बनवाने पर भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है। किसान आईडी न केवल योजनाओं के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाले समय में जमीन से संबंधित सेवाओं और पंजीकरण प्रक्रियाओं में भी सहायक होगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गांवों में जागरुकता कैंप का आयोजन कर किसान आईडी बनाई जा रही है।
- डा. सुखदेव सिंह कंबोज, उप निदेशक कृषि
