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मेघवाल महासभा के कृष्ण चौहान बने सर्वसम्मत जिलाध्यक्ष, सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए युवा आगे आएं: धन्नादास

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Krishna Chauhan of Meghwal Mahasabha becomes unanimous district president, youth should come forward to eradicate social evils: Dhannadas

mahendra india news, new delhi
सिरसा। मेघवाल महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक युवक साहित्य सदन हाल में संपन्न हुई। बैठक में जिलाभर से मेघवाल समाज के भारी संख्या में लोगों ने शिरकत की। कोषाध्यक्ष जीत राम कालवा ने बीते वर्ष का लेखा जोखा पेश किया। जिला व ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। बैठक में समाज में फैली मृत्युभोज, दहेजप्रथा, नशाखोरी जैसी कुरीतियों को मिटाने के अलावा युवक-युवतियों में बेहतर शिक्षा के प्रचार- प्रसार सहित विभिन्न विषयों पर खुलकर विचार विमर्श हुआ।


    सभा के संस्थापक धन्नादास ऋषि रायपुर ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने व आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आधार है। समाज के युवाओं से उन्होंने आह्वान किया कि वे मेघवाल महासभा के साथ जुड़कर अपना योगदान शेयर करें ताकि समाज में फैली कुरीतियों को मिटाया जा सके। उन्होंने डा.भीमराव आम्बेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि हमें उनके 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो, के विचार पर चलकर काम करना चाहिए।

सभा के नवनियुक्त सरंक्षक लीलूराम आशाखेड़ा ने कहा कि जब तक हमारे समाज में फैली कुरीतियां खत्म नहीं होगी,शिक्षा व राजनीतिक विस्तार नहीं होगा समाज आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने संगठित रहने का आह्वान किया। धन्ना राम जयपाल ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए आपसी मतभेद व मनभेद भुलाकर एक मंच पर आकर काम करना चाहिए। उन्होंने संस्था के विस्तार पर भी जोर दिया। इनके अलावा पूर्व अध्यक्ष रामनारायण, मास्टर रामभगत, कार्तिक मेहरा, महावीर एम.सी., औमप्रकाश पटीर सहित कई वक्ताओं ने विचार सांझा किये।

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इस अवसर पर मेघवाल महासभा की जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी सर्वसम्मति से बनाई गई, जिसमें लीलूराम आशाखेड़ा सरंक्षक, कृष्ण चौहान जांडवाला प्रधान, भूषण लाल बरोड़ उप प्रधान, सुरजीत सिंह एडवोकेट सचिव, जीतराम कालवा कोषाध्यक्ष व राजेंद्र पटीर को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इसके अलावा बीरबल भुक्कल नाथूसरी चोपटा, कार्तिक मेहरा सिरसा, औम प्रकाश ऐलनाबाद, दुलीचंद परिहार को बड़ागुढ़ा ब्लॉक का प्रधान बनाया गया। ब्लॉक प्रधानों को आगे कार्यकारिणी गठित करने का अधिकार भी दिया गया।