सिरसा में फसल वेरिफिकेशन की गड़बड़ी पर भड़के लखविंदर सिंह औलख, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता (BKE) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि फसल पंजीकरण तथा वेरिफिकेशन के नाम पर किसानों को तंग व परेशान करना तुरंत बंद किया जाए। मंगलवार को बड़ागुढ़ा क्षेत्र के गांव अलीकां, थिराज और पंजुआना के किसानों के आह्वान पर बीकेई टीम के साथ लखविंदर सिंह औलख खेतों में पहुंचे। वहां उन्होंने खेतों में खड़ी फसलों का जायजा लिया और एक लाइव वीडियो के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री तथा जिला प्रशासन को जमीनी हकीकत से अवगत कराया।
किसानों की समस्या को प्राथमिकता से उठाते हुए लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किया गया 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। सरकार ने जिसे 'सुविधा' के नाम पर शुरू किया था, वह आज किसानों के लिए भारी 'दुविधा' और चक्रव्यूह बन चुका है। किसान अपनी मेहनत से उगाई फसल को संभालें या इस आॅनलाइन व्यवस्था के चक्कर काटें? औलख ने बताया कि किसानों द्वारा पोर्टल पर सही फसल पंजीकरण कराने के बाद जब हलका पटवारी के नीचे काम करने वाली टीम मौका मुआयना करने पहुंचती है, तो वे सरासर गलत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। खेतों में किसानों द्वारा बोई गई बाजरे और धान की जगह वेरिफिकेशन रिपोर्ट में अमरूद या कपास दर्शा दिया गया है। कहीं बारानी जमीन पर बोए गए बाजरे की जगह धान बासमती, तो कहीं रुई (कपास) की जगह धान और धान की जगह रुई दिखाई गई है। इन गलत रिपोर्टों के कारण किसान मंडियों में अपनी धान और बाजरे की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं बेच पा रहे हैं और दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और इंसाफ की मांग:
बीकेई प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों और टीम अधिकारियों ने बिना मौका देखे गलत वेरिफिकेशन रिपोर्ट तैयार की है, उनके खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि प्रभावित गांवों के पीड़ित किसानों की वेरिफिकेशन में तुरंत सुधार कर उन्हें न्याय दिया जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी फसल मंडियों में बेच सकें। इस अवसर पर किसान गुरमेंदर सिंह, गुरनैब सिंह, गुरपाल सिंह, लख वीर सिंह, जगतार सिंह, नछतर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखविंद्र सिंह, जोरा सिंह, पप्पू सिंह, हर्शदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, लख वीर सिंह, नक्षत्र सिंह, नसीब सिंह, मनप्रीत सिंह, गगन दीप सिंह आदि मौजूद रहे।
