चांदी की अंगूठी से जानिए कैसे चमका सकती है आपकी सोई हुई किश्मत, चांदी के आभूषण पहनने के ये हैं फायदें
चांदी के रेट आजकल आसमान को छू रहे हैंं। हर कोई व्यक्ति चांदी के आभूषण पहनाता है। वैसे देखे तो देश परंपरा में सोने को जितना महत्व दिया गया है, चांदी को उतना ही पवित्र और मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से है। चंद्रमा हमारे मन का कारक है और शुक्र विलासिता व धन का। यही कारण है कि चांदी पहनने से व्यक्ति की जिंदगी में मानसिक शांति के साथ-साथ भौतिक सुख भी बढ़ते हैं।
माता लक्ष्मी का संबंध
ज्योतिषचार्य के अनुसार विवाहित महिलाओं के लिए चांदी की बिछिया पहनना जरूरी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चांदी की बिछिया पहनने से महिलाओं की सेहत बेहतर रहती है और यह मां लक्ष्मी के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है। शास्त्रों के मुताबिक बिछिया पहनने से बॉडी के कुछ खास 'एक्यूप्रेशर पॉइंट्स' (्रष्ह्वश्चह्म्द्गह्यह्यह्वह्म्द्ग) सक्रिय होते हैं, जो तनाव को कम करते हैं और घर में सुख-शांति लाते हैं।
चांदी की अंगूठी और कामयाबी का कनेक्शन
वैसे देखे तो अक्सर लोग हाथ की कनिष्ठा (छोटी उंगली) में चांदी की अंगूठी पहनते हैं। अगर किसी व्यक्ति का मन अशांत रहता है या उसे बहुत गुस्सा आता है, तो चांदी की अंगूठी उसे शांत करने में सहायता करती है। मान्यता है कि यह शुक्र ग्रह को मजबूत करती है, जिससे करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और अचानक धन लाभ के योग बनते हैं।
चांदी धारण करते वक्त रखें ये सावधानी
हमेशा शुद्ध चांदी के आभूषण ही पहनें, तभी इसका ज्योतिषीय फायदा मिलता है।
चांदी के गहने अगर काले पड़ जाएं, तो उन्हें साफ करते रहें। गंदे गहने नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं।
चांदी धारण करने के लिए सोमवार या शुक्रवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।
नोट : इस समाचार में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित करके लिखा गया है। हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। धन्यवाद
