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HARYANA में अल्ट्रासाउंड की बड़ी लापरवाही, जुड़वां बच्चे हुए पैदा, 3 बार मेें मशीन ने बताया एक बच्चा

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Major negligence in ultrasound in Haryana, twins born, machine showed one baby 3 times.

mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश के हिसार जिला में अल्ट्रासाउंड के अंदर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। मशीन से तीन बार जांच करवाई गई। जिसमें एक बच्चा बताया गया। जबकि महिला के जुड़वां बच्चे पैदा हुए हैं। गांव किराडा की रहने वाली महिला ने 3 बार अल्ट्रासाउंड करवाया। अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक/रेडियोलॉजिस्ट ने हर बार एक बच्चा होने की पुष्टि कर डाली। 

वहीं डिलिवरी के वक्त महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया, जिसमें एक बेटा और एक बेटी थी। इसमें सबसे दुखद बात यह है कि दूसरा नवजात (बेटा) मृत पैदा हुआ। महिला के पति ने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की तो अब मामले में जांच हुई है कि रिपोर्ट में एक बच्चा कैसे आया। 


बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच कर रहे बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया कि तीनों अल्ट्रासाउंड में ‘एरर आफ जजमेंट’ हुआ है। सीएम विंडो में शिकायत की तो मामला स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं में आया।


हैरान करने वाली घटना 
आपको बता दें कि महिला ने तीन बार जांच करवाई।  तीन-तीन अल्ट्रासाउंड मशीनों में एक बच्चे की जानकारी न आना आधुनिक युग में हैरान करने वाला है। ऐसे में प्रश्र यह उठता है कि क्या अल्ट्रासाउंड मशीनें हाईटेक करने की जरूरत है। हिसार कीं सीएमओ डा. सपना गहलावत ने कहा इस बारे में जानकारी ली जा रही है। 

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कहां-कहां करवाए अल्ट्रासाउंड?
प्रथम अल्ट्रासाउंड: महाराजा अग्रसेन मेडिकल कालेज अग्रोहा में डा. शुभा मिना (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने 25 जुलाई 2025 को किया। जांच में एक बच्चा बताया।


द्वितीय अल्ट्रासाउंड: शिवा अल्ट्रा साउंड एवम् एक्स-रे सेंटर बरवाला में 16 अक्टूबर 2025 को डॉ. आदित्य पिलानिया रेडियो लाजिस्ट ने किया। इस दौरान जांच में पेट में एक बच्चा बताया।


तृतीय अल्ट्रासाउंड: लोटस डायग्नोसिटक सेंटर बरवाला में डा. राजेश रेड्डू ने किया। यह 23 दिसंबर 2025 को किया। इसमें एक बच्चा बताया।
जानें पूरा मामला
किराडा के रहने वाले व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गर्भावस्था के दौरान तीन अल्ट्रासाउंड करवाए थे, इन सभी जांच में एक बच्चा बताया गया। 


सोनू, मालिक, शिवा अल्ट्रासाउंड सेंटर, बरवाला ने इस बारे में कहा कि हमने अकेले थोड़े एक बच्चा दिखा रखा है। यह तो अग्रोहा मेडिकल में भी दिखाया गया था। जिस चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड किया था वह हमारे यहां से जा चुके हैं। 

डॉ. राजेश रेड्डू, लोटस डायग्नोसिटक सेंटर, बरवाला ने कहा कि मामला सीएम विंडो में जांच के लिए आया था। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें तीन सेंटर शामिल हैं। 

अलका छाबड़ा, निदेशक, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज ने कहा कि यह मामला पुराना है। इस मामले में रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास है वहीं बता सकते हैं। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।