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मनीष सिंगला ने गांव अहमदपुर में भरा भात, बोले बेटिया पैदा नहीं होती बल्कि अवतरित होती है

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Manish Singla celebrated the rice festival in Ahmedpur village and said that daughters are not born but are incarnated

Mahendra india news, new delhi

समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी 'हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट' ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। ट्रस्ट के प्रधान मनीष सिंगला ने गाँव अहमदपुर में पहुँचकर ममता बाज़ीगर के विवाह हेतु 'भात' की रस्म अदा की। सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मनीष सिंगला अपनी टीम के साथ अहमदपुर पहुँचे। उन्होंने मामा का फर्ज निभाते हुए ममता को आशीर्वाद दिया और भात की रस्म के तहत शगुन व उपहार भेंट किए। इस दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की आँखें खुशी से नम हो गईं।

इस अवसर पर मनीष सिंगला ने कहा कि बेटियाँ किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सांझी होती हैं, क्योंकि बेटिया पैदा नहीं होती अवतरित होती है। उन्होंने कहा कि हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य ही असहाय और जरूरतमंद परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। किसी भी जरूरतमंद बेटी की शादी में बाधा न आए, इसके लिए हमारा ट्रस्ट हमेशा तत्पर रहता है।

गाँव के प्रबुद्ध नागरिकों और बाज़ीगर समाज के लोगों ने मनीष सिंगला के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जब लोग अपनों से मुख मोड़ लेते हैं, ऐसे में मनीष सिंगला जैसे समाजसेवी आगे आकर गरीब परिवारों का संबल बन रहे हैं। इस मौके पर निजी सचिव हरपिंदर शर्मा, योगेश बिज़ारनिया, ममता का भाई सन्नी सहित परिवार के सदस्य व ग्रामीण मौजूद थे।

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