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प्राणायाम की वैज्ञानिक तकनीकों से बेहतर बनाया जा सकता है मानसिक स्वास्थ्य: डा. रविंद्र पुरी

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Mental health can be improved through scientific techniques of Pranayama: Dr. Ravindra Puri

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
आयुष विभाग, हरियाणा, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), डिंग तथा हरियाणा योग आयोग के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट डिंग के सह-प्राचार्य सुभाष फुटेला के निदेर्शानुसार तथा जिला योग प्रशिक्षण समन्वयक चंद्र प्रकाश शर्मा एवं डाइट के आईएफआईसी विंग प्रभारी नरेश नरूला की देखरेख में महाराजा अग्रसेन कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरसा में 21 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित 15 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आठवां दिन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ।

डाइट प्रवक्ता डॉ. विनोद भट्टू ने जानकारी देते हुए बताया कि आठवें दिन के प्रशिक्षण सत्र में सुप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद्, प्रखर वक्ता एवं हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के पूर्व प्राचार्य, प्रोफेसर डॉ. रविंद्र पुरी ने 'प्राणायाम का महत्व एवं मानसिक स्वास्थ्य में इसकी भूमिका' विषय पर प्रतिभागियों को प्राणायाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच वैज्ञानिक संबंधों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांस लेने की विभिन्न तकनीकें व्यक्ति की मानसिक स्थिति, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव प्रबंधन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया कि नियंत्रित एवं नियमित श्वसन अभ्यास के माध्यम से व्यक्ति अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कार्य के प्रति निष्ठा, सकारात्मक सोच और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुष्टि एवं सकारात्मक भावनाएं मस्तिष्क में खुशी और अच्छा महसूस कराने वाले रासायनिक संदेशवाहकों की गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने सहभागियों को अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर डॉ. रविंद्र पुरी का शोध कार्य (पीएचडी) भी प्राणायाम एवं प्रसन्नता के विषय पर आधारित है, जिससे इस विषय पर उनका अकादमिक अनुभव भी जुड़ा हुआ है।


शिविर में भाग ले रहे जिलेभर के पीटीआई, डीपीई, टीजीटी एवं पीजीटी (शारीरिक शिक्षा) को प्रतिदिन की भांति छह घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें दो घंटे प्रायोगिक अभ्यास तथा चार घंटे सैद्धांतिक अध्ययन के लिए निर्धारित हैं। कार्यक्रम की शुरूआत योग जॉगिंग, सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम से हुई। प्रतिभागियों को अष्टांग योग, हठ योग, महर्षि पतंजलि के योगसूत्र तथा योगासन खेल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न योगासनों की सही विधि, अभ्यास की तकनीक, योग के मूल सिद्धांतों तथा योगासन खेल के नियमों एवं बारीकियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य योग प्रशिक्षक जय प्रकाश, देशराज, श्याम सुंदर, भगवाना राम एवं मुख्तियार सिंह अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि आयुष विभाग की ओर से साहिल एवं निशा प्रशिक्षण गतिविधियों में सहयोग कर रहे हैं। डाइट डिंग, सिरसा से विषय विशेषज्ञ राकेश मोहन गोयल एवं डॉ. राजेश खुराना भी उपस्थित रहे।
 

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15 दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर में जिलेभर के शारीरिक शिक्षकों को योग, प्राणायाम, अष्टांग योग, हठ योग एवं योगासन खेल का सैद्धांतिक व प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को योग की विभिन्न विधाओं में दक्ष बनाकर विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
 डॉ. राजेश खुराना, विषय विशेषज्ञ, डाइट डिंग, सिरसा।