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मिड डे मील वर्कर्स ने किया आंदोलन का ऐलान मुख्यमंत्री आवास कुरुक्षेत्र पर पड़ाव,

 
Mid Day Meal workers announced agitation and camped at Chief Minister's residence in Kurukshetra.
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 Mid Day Meal workers announced agitation and camped at Chief Minister's residence in Kurukshetra.


18 जून को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की शवयात्राएं, 4 अगस्त को 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन: राजरानी
सिरसा। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) के राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया।

यूनियन की राज्य प्रधान राजराजनी ने बताया कि सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने मिड डे मील वर्कर्स की मांगों का समाधान नहीं किया तो 18 जून को प्रदेशभर में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की प्रतीकात्मक शवयात्राएं निकाली जाएंगी, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गृह नगर कुरुक्षेत्र में हड़ताल करते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर पड़ाव डाला जाएगा तथा 10 अगस्त को प्रदेशव्यापी जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।


कम मानदेय में चल रहा शोषण: राजरानी
राज्य प्रधान राजरानी ने सम्मेलन के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया किराज्य और केंद्र सरकार मिड डे मील वर्कर्स का लगातार शोषण कर रहीं हैं। प्रदेश की करीब 28 हजार मिड डे मील वर्कर्स बेहद कम मानदेय में काम करने को मजबूर हैं और बढ़ती महंगाई ने उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में देश की भावी पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्कर्स के परिवार आज भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। मई 2022 में मिड डे मील वर्कर्स के लिए 7000 रुपये मानदेय तय किया गया था, लेकिन उसके बाद महंगाई लगातार बढ़ी है। उस समय हरियाणा सरकार का न्यूनतम वेतन लगभग 9000 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 15220 रुपये कर दिया गया है। ऐसे में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में भी सम्मानजनक बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

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ये हैं हमारी प्रमुख मांगें:
मिड डे मील वर्कर्स को 26000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। पूरे 12 महीने का मानदेय सुनिश्चित
किया जाए। रिटायरमेंट लाभ, सामाजिक सुरक्षा दी जाए। हटाई गई वर्कर्स की पुनर्बहाली की जाए।
स्कूल मर्ज करने की नीति पर रोक लगाई जाए। नई शिक्षा नीति को वापस लिया जाए।


महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता:
सम्मेलन में महिलाओं और बच्चियों पर बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई और कहा गया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देती नजर आती है। यूनियन ने घोषणा की कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भी आगामी दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।


शिक्षामंत्री पर वायदाखिलाफी का आरोप:
जिलों से आए पदाधिकारियों ने आरोप लगाया शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बार-बार बातचीत का निमंत्रण देकर भी किसी मांग का समाधान नहीं किया। 9 जून को हरियाणा सचिवालय में यूनियन प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन मंत्री स्वयं बैठक से गायब रहे, जिससे  प्रदेशभर की वर्कर्स में भारी रोष है। यूनियन तेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।