गांव जमाल में अध्यापक पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपित नाबालिग छात्र गिरफ्तार, इसलिए किया अध्यापक पर हमला
mahendra india news, new delhi
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव जमाल में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक पर हुए जानलेवा हमले का आरोपी नाबालिग छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। चौपटा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि आरोपित छात्र को घर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।
चौपटा थाना प्रभारी ने बताया कि अध्यापक सुनील के मुताबिक छात्र गैर हाजिर रहता था। इसी को लेकर दो दिन पहले उसे डांटा दिया था। इसी को लेकर छात्र ने अध्यापक पर पेचकस से हमला कर दिया।
आपको बता दें कि अध्यापक पर छात्र ने पेचकस से सोमवार को हमला कर दिया था। इसके बाद पूरे गांव में रोष का माहौल देखने को मिला। घटना के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में एक बैठक आयोजित कर दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़ित अध्यापक को न्याय दिलाने की मांग की। बैठक के दौरान जमाल पुलिस चौकी इंचार्ज रामकुमार भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय जैसे सुरक्षित स्थान पर इस प्रकार की घटना बेहद चिंताजनक है और इससे शिक्षकों में भय का वातावरण बन गया है। बैठक में मौजूद लोगों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर भी असंतोष जताया। उनका कहना था कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।
आपको बता दें कि बीते दिन गांव जमाल के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने कक्षा में पढ़ा रहे अध्यापक सुनील कुमार पर कथित रूप से पेचकस से जानलेवा हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। घायल अध्यापक का उपचार कराया गया, जबकि घटना के बाद विद्यालय और गांव में चिंता का माहौल बना हुआ है।
बैठक में सरपंच प्रतिनिधि एवं समाजसेवी औम प्रकाश डूडी ने अध्यापकों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
इस अवसर पर प्रहलाद बैनीवाल, देवीलाल खीचड़, अशोक साहू, कृष्ण बैनीवाल अजय ज्याणी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
