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हरियाणा प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून, अब उमस बढ़ाएगी परेशानी, इस दिन से होगी झमाझम बरसात

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Monsoon weakens in Haryana; rising humidity to cause discomfort; heavy rainfall expected from this day

mahendra india news, new delhi 

हरियाणा प्रदेश में इस बार मानसून की बरसात अच्छी नहीं हुई है। प्रदेश हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगले चार दिनों तक किसी मजबूत मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। ऐसे में हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी रहेगी। कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है। प्रदेश में 18 जुलाई से 21 जुलाई के बीच मानसून सक्रिय होगा। इससे प्रदेश में अच्छी बरसात होने की संभावना है। 

प्रदेश के अंदर जुलाई माह की शुरुआत में मानसून ने अच्छी दस्तक दी थी। प्रदेश में 6 से 8 जुलाई के दौरान हरियाणा के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बरसार्त हुई, जबकि पश्चिमी जिलों में बरसार्त काफी कम दर्ज की गई। 10 जुलाई को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिसार सहित पश्चिमी हरियाणा में आंधी और हल्की बरसात हुई, लेकिन इसके बाद मानसून फिर कमजोर पड़ गया।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 13 जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 13 और 14 जुलाई को उत्तरी हरियाणा में हल्की बरसात की उम्मीद है, जबकि शेष हरियाणा प्रदेश, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।

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इस दौरान दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। उमस लोगों को परेशान करेगी। बता दें कि बंगाल की खाड़ी में अधिक लो प्रेशर सिस्टम बने थे, जिससे हरियाणा में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी। इस बार ऐसे सिस्टम कमजोर बनने और पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर रहने से वर्षा की गतिविधियां सीमित हैं।

यदि यहीं स्थिति बनी रही तो जुलाई में पिछले कई सालों की तुलना में कम वर्षा दर्ज हो सकती है। रविवार को हिसार में मौसम शुष्क रहा और बादलों की आवाजाही बनी रही।  दक्षिण-पश्चिमी नम हवाओं के कारण दिनभर उमस बनी रही। वहीं, महेंद्रगढ़ जिले में भी बादलों की आवाजाही रही, लेकिन मौसम शुष्क रहा।