home page

देश की सेवा करते हुए जिंदगी की जंग हारे नायब सूबेदार नरेश लाठर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

 | 
Naib Subedar Naresh Lathar loses his battle for life while serving the nation; a mountain of grief descends upon his family

mahendra india news, new delhi

 हरियाणा प्रदेश के जींद जिला के गांव शादीपुर निवासी भारतीय सेना के जवान नरेश लाठर का बुधवार को लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 42 साल के थे और सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव शादीपुर समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सेवा में 22 साल बिताने वाले जवान के असमय चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, 2 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

नायब सूबेदार नरेश कुमार का पार्थिव शरीर 6 नवंबर को शादीपुर पहुंचेगा। गांव के श्मशान घाट पर सैन्य परंपराओं के अनुसार पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों, सैन्य प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। गांव के लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।

नरेश लाठर 22 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लेह-लद्दाख में थी। उन्होंने अपने सैन्य कार्यकाल के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही वह सेना से सेवानिवृत्त होकर घर लौटेंगे और परिवार के साथ समय बिताएंगे, लेकिन अचानक आए इस दुखद समाचार ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया

WhatsApp Group Join Now


नरेश लाठर के परिवार में उनकी 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 13 वर्षीय बेटा अरमान और 15 वर्षीय बेटी चाहत हैं। पत्नी प्रीति गृहणी हैं। बेटा अरमान नौवीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि बेटी चाहत 11वीं कक्षा की छात्रा है। पिता के असमय निधन से दोनों बच्चों की जिंदगी में ऐसा खालीपन आ गया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। जिस उम्र में बच्चों को पिता के मार्गदर्शन और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, उसी उम्र में उन्हें यह बड़ा दुख सहना पड़ रहा है।