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नाना पाटेकर की फैमिली, पत्नी से अलग रहते थे नाना पाटेकर

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Nana Patekar's family; Nana Patekar lived apart from his wife

mahendra india news, new delhi
फेमस अभिनेता नाना पाटेकर का आज वीरवार सुबह निधन हो गया। नाना पाटेकर की फैमिली की बात करें तो उनके पिता का नाम गजानन पाटेकर बताया जाता है, जबकि उनकी मां का नाम निर्मला पाटेकर था। नाना ने साल 1978 में नीलकांति पाटेकर से शादी की थी, हालांकि बाद में दोनों बिना तलाक लिए अलग हो गए.  दोनों के स्वभाव और सोच में बहुत अंतर था. इसी वजह दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिय, यह खुलासा अभिनेता ने स्वयं किया था। 

बता दें, नीलकांति ने 1966 में चाइल्ड एक्ट्रेस के तौर पर एक्टिंग में कदम रखा था और नेशनल अवॉर्ड भी जीत चकी हैं. वो पहले एक बैंक अधिकारी थी, इसके बाद उन्होंने मराठी एक्ट्रेस और लेखक के तौर पर अपनी पहचान बनाईं। वहीं, नाना पाटेकर और नीलकांति को दो बेटे थे, एक बेटा मल्हार पाटेकर है, जबकि दूसरे बेटे दुर्वासा का महज 2 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते निधन हो गया था। 

नाना सात भाई-बहनों में से एक थे. उनके पांच भाई-बहनों का बचपन में ही निधन हो गया था, जबकि उनके भाई अशोक पाटेकर और दिलीप पाटेकर जीवित हैं.

नाना पाटेकर को आखिरी बार फिल्म 'सूबेदार' में देखा गया था, जो इस साल थिएटर्स मेम रिलीज हुई थी. इस फिल्म में अनिल कपूर लीड रोल में थे। 

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हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार सुबह निधन हो गया. शुरुआती रिपोर्ट्स और खबरों के मुबातिक उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि उन्हें बेहोश स्थिति में हॉस्पिटल लगाया गया, जहां डॉक्टर्स ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वे बच नहीं सके. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और करोड़ों फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है.

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 

 लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा: डॉ. शेखर सालकर, प्रमुख, ऑन्कोलॉजी विभाग, मणिपाल अस्पताल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर को सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. गोवा स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर  डॉ. शेखर सालकर  ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिली. उन्होंने ये भी बताया कि मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा.