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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, में ऑनलाइन मोड में यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ़ कॉम्पिटिटिव एग्जाम के तत्वावधान में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया गया।

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  National Civil Services Day was organised at Chaudhary Devi Lal University under the aegis of University Centre of Competitive Examination in online mode.

 सिरसा 21 अप्रैल 2026। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत लोक प्रशासन विभाग, राजनीति विज्ञान विभाग एवं इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के मार्गदर्शन में ऑनलाइन मोड में यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ़ कॉम्पिटिटिव एग्जाम के तत्वावधान में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन टैगोर भवन में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हरियाणा सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सीईओ डीआरडीए एवं जिला परिषद कुरुक्षेत्र वीरेंद्र चौधरी रहे। उन्होंने सिविल सेवा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिविल सेवा केवल शक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में प्रशासन की भूमिका को रेखांकित करते हुए डिजिटल गवर्नेंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग को प्रभावी प्रशासन के लिए आवश्यक बताया। साथ ही, समस्याओं के समाधान हेतु वैकल्पिक दृष्टिकोण अपनाने और समाधान शिविरों के आयोजन को जनहित में उपयोगी पहल बताया।


कार्यक्रम की दूसरी वक्ता के रूप में सिटी मजिस्ट्रेट जींद, मोनिका ने अपने संबोधन में प्रशासन के जन-उन्मुखीकरण और जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व में इमोशनल इंटेलिजेंस विकसित करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों वक्ताओं ने प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी रूप से निपटाने तथा आमजन से सीधे संपर्क स्थापित करने के लिए रात्रि ठहराव जैसे कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।  उन्होंने विश्वविद्यालय के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ऐसे कार्यक्रमों में उपस्थित रहकर प्रशासन के विभिन्न आयामों को व्यवहारिक जीवन में समझने का प्रयास करें।

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इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन एवं चेयरपर्सन प्रो. सुल्तान ढांडा ने कहा कि एक सिविल सेवक के लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समसामयिक घटनाओं की गहरी समझ विकसित करने और आत्म-अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी आदित्य ने किया और कार्यक्रम के आयोजन में रोहित, हेमंत, हरदीप, राजवीर, सुनील, अखिल, रेनू, संतरा देवी, राजीव कुमार एवं निवाशु ने सक्रिय भूमिका निभाई। वक्ताओं का धन्यवाद राजनीति विज्ञान विभाग के चेयरपर्सन प्रो. राजबीर सिंह दलाल तथा प्रोफेसर सत्यवान दलाल ने किया। इस अवसर पर प्रो. राजकुमार सिवाच, डॉ. रितु तथा डॉ. विनोद कुमार की उपस्थिति रही। अंत में इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के चेयरपर्सन प्रो. विष्णु भगवान ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।