सीडीएलयू SIRSA में राष्ट्रीय सम्मेलन एएमसेट-2026 का समापन
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, Sirsa के भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेज़ इन मटेरियल साइंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एएमसेट-2026)” का समापन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समापन सत्र में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुलशन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध, नवाचार और तकनीकी विकास ही राष्ट्र निर्माण की सशक्त नींव हैं। उन्होंने युवाओं से अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और नई खोजों से देश को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के प्रो वाइस चांसलर प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत और शोध संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर आधुनिक तकनीकों के विकास की दिशा में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने की। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन पर भौतिकी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा वैज्ञानिकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर व्याख्यान दिए। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के प्रो. एस.के. त्रिपाठी ने नैनो सेमीकंडक्टर्स विषय पर विस्तार से जानकारी दी। जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, वायएमसीए, फरीदाबाद की प्रो. सोनिया बंसल ने प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी में भौतिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार के प्रो. आशीष अग्रवाल ने फंक्शनल मटेरियल्स के अनुप्रयोग विषय पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
डॉ चनप्रीत ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राममेहर दीक्षित ने सभी का स्वागत किया तथा प्रोफेसर रचना अहलावत ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। प्रोफेसर धर्मवीर,डॉ सुखविंदर दुहन ने सम्मेलन के आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों ने भाग लेकर विज्ञान और तकनीक के नवीन आयामों पर मंथन किया।
