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मीडिया और जलवायु उत्तरदायित्व विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

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National webinar on Media and Climate Responsibility organized

Mahednra india news, new delhi
सिरसा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मीडिया फॉर एनवायरनमेंट अवेयरनेस डवेलपमेंट एंड आउट रीच वर्ल्ड वाइड फाउंडेशन द्वारा मीडिया और जलवायु उत्तरदायित्व विषय पर एक राष्ट्रीय आॅनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरूआत मीडो फाउंडेशन के मुख्य  कार्यकारी अधिकारी विक्रम बिजारणिया द्वारा संस्था के परिचय के साथ हुई, जबकि सूरज झोरड़ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। एमडीयू रोहतक के भूगोल विभाग के पूर्व अध्यक्ष मुख्य वक्ता प्रो. मेहताब सिंह राणा ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों, उसके सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने और सतत विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट केवल वैज्ञानिक विषय नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई, अध्यक्ष, ऊर्जा एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग, सीडीएलयू सिरसा ने पर्यावरणीय स्थिरता और अक्षय ऊर्जा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने  पर्यावरणीय स्थिरता, हरित ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा स्रोतों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम कर सौर, पवन एवं अन्य स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानते हुए इसे समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बताया। वेबिनार में प्रख्यात मीडिया शिक्षाविद् एवं पर्यावरण संरक्षक डॉ. जसमेर सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने अपने चार वर्षों से संचालित पर्यावरणीय जन-जागरण अभियान नहरों की पुकार के बारे में लाइव जानकारी नहर किनारे खड़े होकर दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही संभव है। अंत में सभी वक्ताओं, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे।

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