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लुवास हिसार का नया शोध: डॉ. वंदना के खास प्रयोग ने कर दिया कमाल, एलोवेरा से तैयार की सेहतमंद बर्फी

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New research from LUVAS Hisar: Dr. Vandana's unique experiment works wonders—healthy *barfi* prepared using aloe vera

mahendra india news, new delhi
हिसार के लुवास यानी कि लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी की सहायक प्राध्यापिका डॉ. वंदना चौधरी ने नया शोध किया है। डा. चौधरी ने एलोवेरा जूस से एक विशेष बर्फी तैयार की है। इस बर्फी को तैयार कर डेयरी क्षेत्र में नई संभावना खोलने का कार्य किया है। डॉ. वंदना ने अपने इस खास शोध के दौरान अलग-अलग मात्रा में एलोवेरा जूस मिलाकर शोध किया है। इनमें 15 फीसद एलोवेरा जूस वाली बर्फी स्वाद, बनावट और गुणवत्ता के लिहाज से सबसे बेहतर पाई गई. यह शोध डेयरी उत्पादों में वैल्यू एडिशन और हेल्दी मिठाइयों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है

15 फीसद एलोवेरा जूस वाली बर्फी रही सबसे बढिय़ा- इस विशेष्ज्ञ एलोवेरा बर्फी के बारे में डॉ. वंदना चौधरी ने बताया कि, "शोध के दौरान खोया बर्फी में 5, 10, 15 और 20 फीसद एलोवेरा जूस मिलाकर उसकी गुणवत्ता, स्वाद, नमी, पीएच, रंग और टेक्सचर का विस्तृत मूल्यांकन किया गया. परीक्षण में 15 फीसद एलोवेरा जूस वाली बर्फी ने सभी मानकों पर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. इसका स्वाद सामान्य बर्फी जैसा ही रहा, जबकि बनावट और गुणवत्ता भी उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप पाई गई। 


 मेहनत के बाद मिली सफलता: 
इस शोध के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. वंदना चौधरी ने कहा कि, "इस शोध को पूरा करने में करीबन चार से पांच माह का वक्त लगा।  पहले उपलब्ध शोध पत्रों का अध्ययन किया और फिर अलग-अलग संयोजनों पर प्रयोग किए. आखिरकार 15 प्रतिशत एलोवेरा जूस वाला फॉर्मूला सबसे सफल साबित हुआ. शोध के दौरान हर स्तर पर वैज्ञानिक परीक्षण किए गए ताकि उत्पाद सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रहे। 

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हटाया गया हानिकारक तत्व: 
विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी की सहायक प्राध्यापिका ने डॉ. वंदना ने आगे बताया कि, विभाग के औषधीय पौधों के उद्यान से एलोवेरा लिया गया. सबसे पहले एलोवेरा को काटकर आधे घंटे तक रखा गया ताकि उसमें मौजूद पीले रंग का पदार्थ बाहर निकल गये। इसमें एलोइन नामक तत्व होता है, जिसे सेहत के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. इसे पूरी तरह हटाने के बाद ही एलोवेरा का जूस तैयार कर बर्फी में मिलाया गया. इसके बाद तैयार उत्पाद की नमी, पीएच, रंग, टेक्सचर और अन्य गुणवत्ता मानकों की जांच की गई.। 


डॉ. वंदना बताया कि, "20 फीसद एलोवेरा जूस मिलाने पर स्वाद और बनावट में हल्का बदलाव दिखाई दिया, जबकि 15 प्रतिशत मात्रा में ऐसा कोई अंतर नहीं मिला. इसलिए इसी संयोजन को अंतिम रूप दिया गया. शोध में यह भी सामने आया कि एलोवेरा की सीमित मात्रा मिठाई के स्वाद को प्रभावित किए बिना उसके पोषण मूल्य को बढ़ा सकती है

विभाग का पूरा सहयोग मिला: 
विश्वविद्यालय कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी की सहायक प्राध्यापिका डॉ. वंदना चौधरी ने विभाग के सहयोग को लेकर कहा कि, "इस शोध को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर शर्मा का लगातार मार्गदर्शन मिला. कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने भी हर चरण पर हमारा उत्साह बढ़ाया. उनकी मदद और प्रेरणा से यह शोध कामयाब हो सका. इस तकनीक में रुचि दिखाने वाले कई लोगों ने विभाग से संपर्क भी किया है. हालांकि तकनीक का हस्तांतरण विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा.। 


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