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नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ हरियाणा ने मीटिंग में रखी जॉब सुरक्षा एक्ट लागू करने की मांग

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Non-Teaching Employees Union Haryana demanded implementation of Job Security Act in the meeting

mahendra india news, new delhi
नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ हरियाणा (संबंधित भारतीय मजदूर संघ) की हिसार में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों में जॉब सुरक्षा एक्ट लागू करने की मांग रखी गई। प्रदेश स्तरीय बैठक की अध्यक्षता नॉन टीचिंग कर्मचारी संघ प्रदेश अध्यक्ष आजाद सिंह ने की। सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में पुष्पांजलि अर्पित की गई एवं भारत माता, श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी, विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नॉन-टीचिंग कर्मचारी संघ हरियाणा, भारतीय मजदूर संघ (हरियाणा) ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत हजारों कच्चे, अनुबंध और एडहॉक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है।

संघ ने हरियाणा सरकार से पुरजोर मांग की है कि एक विशेष प्रावधान के तहत हरियाणा विश्वविद्यालय कर्मचारी नौकरी सुरक्षा एक्ट पारित किया जाए और सर्विस एक्ट पोर्टल पर सभी का डाटा जल्द से जल्द चढ़वाया जाए। 58 वर्ष तक नौकरी की गारंटी दी जाए। बीएमएस के प्रदेश महामंत्री हवा सिंह मैहला ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कर्मचारी पिछले 10-15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी नौकरी पर हमेशा तलवार लटकी रहती है। संघ की मुख्य मांग है कि हरियाणा के विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा दी जाए। उन्हें जॉब सुरक्षा गारंटी से बाहर न निकाला जाए और किसी भी प्रकार की छंटनी पर पूर्ण रोक लगे। विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा के लिए चिरायु योजना का लाभ मिले।


 समान काम-समान वेतन के तहत उन्हें वित्तीय लाभ दिए जाएं। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री हवा सिंह मेहला ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय स्वायत्त निकाय होने के कारण अक्सर सरकारी नीतियों को लागू करने में देरी करते हैं। एक विशेष एक्ट बनने से कर्मचारियों का मानसिक उत्पीडऩ बंद हो गया है। कौशल रोजगार निगम से बाहर के कर्मचारियों को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा। विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आएगी। नॉन-टीचिंग कर्मचारी संघ प्रदेश महामंत्री विजय नियाणा ने कहा कि कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा से वंचित रखना उनके मान सम्मान पर आघात है। जल्द से जल्द हरियाणा सरकार को विश्वविद्यालय में जॉब सुरक्षा एक्ट लागू करना चाहिए।

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बीएमएस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जीवन सिंह ठाकुर ने कहा कि हरियाणा के विश्वविद्यालय जॉब सुरक्षा एक्ट से बाहर करना अति निंदनीय है। सरकार को जल्द से जल्द इन कर्मचारियों के भविष्य पर संज्ञान लेते हुए इन्हें जॉब सुरक्षा मुहैया करवानी चाहिए। हरियाणा के विद्युत विभाग के कर्मचारी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ कंधे से कथा मिलाकर संघर्ष करने में अह्म योगदान देंगे। प्रदेश संयोजक रणबीर बांगड़वा ने 515 कर्मचारियों के मेंबरशिप फॉर्म प्रदेश महामंत्री को जमा करवाए और स्पष्ट किया कि यदि सरकार आगामी सत्र या कैबिनेट बैठक में इस जॉब सुरक्षा एक्ट को विश्वविद्यालयों में लागू करने पर विचार नहीं करती है तो संघ प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ेगा हरियाणा के सभी विश्वविद्यालय में आंदोलन करने को मजबूर होगा। अंत में महामंत्री हवा सिंह मैहला ने विश्वास दिलाया कि जल्द से जल्द सरकार से बैठक की जाएगी,

जिसमें विश्वविद्यालय के प्रदेश टोली के सदस्य मौजूद रहेंगे। इस मौके पर सभी जिलों से विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष जगदीश लूना सीडीएलयू विश्वविद्यालय सिरसा, देव प्रकाश आईजीयू मीरपुर विश्वविद्यालय, प्रदीप शर्मा  सीबीएलयू भिवानी विश्वविद्यालय, प्रवीण कश्यप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुलदीप महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय कैथल, प्रदीप एचएयू हिसार विश्वविद्यालय, सतीश कुमार महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल उपस्थित रहे।