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HARYANA में बच्चा गोद लेने के लिए अब ऑनलाइन होगा आवेदन, गोद लेने की प्रक्रिया पहले से हुई सरल

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Now application for adopting a child in Haryana will be online, the adoption process has become simpler than before

Mahendra india news, new delhi

HARYANA सरकार द्वारा बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल किया गया है ताकि नागरिकों को बच्चा गोद लेने के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। अब दंपत्ति को बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन ऑनलाइन होंगे और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आवेदक के बारे में सारी जांच की जाएगी। सारी शर्तें पूरी होने उपरांत ही जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बच्चा गोद लेने के लिए अप्रूवल दी जाएगी।


2 साल के बच्चे को गोद लेने वाले दंपत्ति की संयुक्त आयु अधिकतम 85 साल तथा सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 40 साल होनी अनिवार्य है। दो से चार साल के बच्चे को गोद लेने वाले दंपत्ति की संयुक्त आयु अधिकतम 90 साल तथा सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 45 साल होनी अनिवार्य है। इसके अलावा 4 से 8 साल के बच्चे को गोद लेने वाले दंपत्ति की संयुक्त आयु अधिकतम 100 साल तथा सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 50 साल व 8 से 18 साल के बच्चे को गोद लेने वाले दंपती की संयुक्त आयु अधिकतम 110 साल तथा सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 55 साल होनी अनिवार्य है।


 

इन शर्तों को पूरा करना अनिवार्य
दंपत्ति को बच्चे का दत्तक ग्रहण करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब दंपत्ति वैवाहिक संबंध कम से कम दो वर्ष तक रहे हों। बच्चा गोद लेने के लिए माता-पिता दोनों की रजामंदी आवश्यक है। एक अकेली महिला किसी भी लिंग के बच्चे को गोद ले सकती है। इसके साथ दत्तक ग्रहण करने वाले संभावित माता-पिता के पास बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन होने चाहिए। दत्तक ग्रहण करने वाले माता-पिता का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए। दूसरे बच्चे के दत्तक ग्रहण की अनुमति केवल तभी दी जाती है जब प्रथम बच्चे के लिए कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया हो, परन्तु यह भाई-बहनों के ममाले में लागू नहीं है। एक अविवाहित या अकेले पुरूष को बालिका के दत्तक ग्रहण की अनुमति नहीं है।

 

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आवेदन के साथ लगाने होंगे दस्तावेज
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. गुरप्रीत कौर ने बताया कि आवेदन के साथ वांछित दस्तावेज की तीन-तीन प्रतियां संलग्र करनी होगी। पीएपी द्वारा दो स्वयं सत्यापित प्रतियों सहित मूलरूप से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आवेदन करने के लिए पहचान का प्रमाण जैसे मतदाता कार्ड या पैन कार्ड या पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस, भारत का निवासी होने का प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र होना जरूरी है। परिवार की तस्वीर (दत्तक ग्रहण करने वाले परिवार की पोस्टकार्ड साइज की हाल ही में ली गई तस्वीर), पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा मेडिकल प्रमाणपत्र होना चाहिए। इसके अलावा बच्चा गोद लेने वालों को अपने किन्हीं दो नजदीकी का प्रमाण पत्र जिसमें यह लिखा हो कि दंपत्ति बच्चे की सही देखभाल करेंगे। इसके साथ-साथ आय प्रमाण पत्र तथा पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट दस्तावेज साथ संलग्न करने होंगे। अधिक जानकारी के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क किया जा सकता हैं।

 

फर्जी एजेंटों से रहें सावधान
बच्चा तीन तरह से गोद लिया जाता है जिसमें अनाथ व लावारिस, अंतर-परिवार और सौतेले माता-पिता शामिल है। बच्चा गोद लेने के लिए किसी भी बिचौलिए के बहकावे में न आएं। केवल राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दत्तक एजेंसियों के माध्यम से गोद ले सकते हैं। किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) लेने के लिए केयरिंग की वेबसाइट पर सारी जानकारी विस्तार से दी गई है। वेबसाइट केयरिंगसडॉटएनआईसीडॉटइन पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण करते समय अपने सारे जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। नागरिक गलत दस्तावेज अपलोड ना करें। ऐसा करने पर आपका आवेदन रद्द किया जा सकता है।