अब आरमदायक होगा सफर, 9 नहीं, सिर्फ 5 घंटे तक लगेगा समय, कोलकाता से बिहार तक बन रहा एक्सप्रेस-वे
देशभर में सडक़ों का जाल बिछ रहा है। वहीं नई सडक़ों का भी निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब इसी कड़ी में वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इससे बिहार से पश्चिम बंगाल की यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। आपको बता दें कि खासकर गया से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को मोटा फायदा मिलेगा। अभी सडक़ मार्ग से यह सफर 9 घंटे या इससे ज्यादा वक्त में पूरा होता है, लेकिन एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यह दूरी मात्र 5 घंटे में तय की जा सकेगी. इससे वक्त के साथ ईंधन की बचत होगी.
आपको ये भ्भी बता दें कि यह एक 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहनों के चलने के लिए डिजाइन कर दिया गया। रोड पर न तो काफी सारे स्पीड ब्रेकर होंगे और न ही ट्रैफिक सिग्नल, इससे लंबी दूरी का सफर और सुगम तरीके से पूरा किया जा सकेगा, इससे यात्रियों को बीच-बीच में रुकने की जरूरत भी कम पड़ेगी.
आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोडऩे वाला एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, इसका निर्माण 7 चरणों में किया जाएगा. एक्सप्रेसवे बनने के बाद इन प्रदेशों के बीच सडक़ संपर्क और मजबूत होगा. साथ ही व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई के क्षेत्र में भी तेजी आने की उम्मीद है.
आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि यह एक्सप्रेसवे बिहार के भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद और गया जैसे महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा. इससे इन जिलों के लोगों को बेहतर सडक़ सुविधा मिलेगी. स्थानीय व्यापारियों, किसानों और उद्योगों को भी फायदा होगा. बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश और रोजगार के अवसर बढऩे की संभावना है. यह प्रोजेक्ट 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
