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एन एस एस से जिम्मेदारी की भावना होती है विकसित: डॉ. जयप्रकाश

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NSS develops a sense of responsibility: Dr. Jaiprakash

mahendra india news, new delhi
जेसीडी मेमोरियल कॉलेज की एन एस एस विंग ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेजाडेला कलां  में सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का शुभारंभ किया। यह सात दिवसीय शिविर यूथ फॉर माय भारत - यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी विषय पर आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर सफाई अभियान एवं पौधारोपण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया।


शिविर के उद्घाटन समारोह में जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रणजीत सिंह द्वारा की गई ।
कार्यक्रम में कॉलेज कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरीक गिल, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सीमा रानी, डॉ. किरण और डॉ. प्रगट कस्वां भी उपस्थित रहे।


 इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. जयप्रकाश ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। 


उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं को समाज से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं तथा उन्हें सामाजिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिलता है।

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उन्होंने बताया कि एनएसएस की स्थापना 1969 में हुई थी और इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है। इसका मूल मंत्र नॉट मी बट यू (मैं नहीं, तुम) निस्वार्थ सेवा की भावना को दर्शाता है।
 एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी ग्रामीण विकास, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता जैसी गतिविधियों में भाग लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।


उन्होंने कहा कि यूथ फॉर माय भारत – यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी थीम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा की आज के डिजिटल युग में प्रत्येक युवा का तकनीक के प्रति जागरूक और सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज में डिजिटल साक्षरता का प्रसार करें और लोगों को ऑनलाइन सेवाओं के सुरक्षित एवं सही उपयोग के प्रति जागरूक करें।


उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक ज्ञान और तकनीक से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
इस मौके पर प्राचार्य प्रो. रणजीत सिंह ने कहा कि सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान विद्यार्थी गांव में स्वच्छता, जागरूकता और सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के साथ जुड़कर काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह शिविर विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक अच्छा अनुभव साबित होगा।


राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नेजाडेला कलां के प्रधानाचार्य सुरेंद्र ने एनएसएस वॉलंटियर्स को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया और उन्हें जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर डॉ. अमरीक गिल व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सीमा रानी ने छात्रों को एनएसएस के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए समाज सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की प्रेरणा दी।
अंत में डॉ. किरण ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए प्रथम दिन के कार्यक्रम का समापन किया।