बेटी के जन्म पर मिलती है 21 हजार की 'लक्ष्मी', आपकी बेटी हमारी बेटी योजना
हरियाणा सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बेटियों के कल्याण हेतु “आपकी बेटी हमारी बेटी” योजना क्रियांवित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लिंग अनुपात में सुधार लाना और बालिकाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करना है। सरकार इस योजना के जरिए बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने और समाज में उनके महत्व को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
यह योजना बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म के साथ लाभार्थी लड़की का जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में जमा करवाना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत वही परिवार पात्र होंगे जिनके माता-पिता हरियाणा राज्य के स्थायी निवासी हों और राज्य में निवास करते हों।
*पहली और दूसरी बेटी के जन्म पर यह है प्रावधान*
योजना के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों में 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी पहली लड़की के लिए 21,000 रुपये की राशि एकमुश्त जमा की जाएगी। इसी प्रकार गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) जीवनयापन करने वाले परिवारों में जन्मी पहली लड़की के लिए भी 21,000 रुपये की राशि एकमुश्त जमा की जाएगी। वहीं जाति, आय और पुत्रों की संख्या के भेदभाव के बिना सभी परिवारों में 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी दूसरी लड़की के लिए भी 21,000 रुपये जमा किए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यदि जुड़वां या इससे अधिक लड़कियां जन्म लेती हैं, तो उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य हर परिवार को बेटियों के जन्म पर प्रोत्साहित करना है।
*इन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा लाभ*
योजना के अंतर्गत जमा की गई यह राशि लाभार्थी लड़की को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ब्याज सहित दी जाएगी, बशर्ते कि वह अविवाहित हो। जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज निकासी की तिथि तक दिया जाएगा। इस प्रकार सरकार बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने का प्रयास कर रही है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में लाभार्थी को योजना से बाहर भी किया जा सकता है। यदि लड़की की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले शादी कर दी जाती है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो योजना का लाभ समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति गलत तथ्यों के आधार पर योजना में पंजीकरण कर लाभ प्राप्त करता पाया जाता है, तो उसकी सदस्यता रद्द कर उसके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। योजना से संबंधित अधिक जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटडब्ल्यूसीडीएचआरवाईडॉटजीओवीडॉटइन से भी प्राप्त की जा सकती है।
*बेटी के जन्म के एक साल के भीतर करें आवेदन*
महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डा दर्शना सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए बच्ची के जन्म के एक साल के अंदर-अंदर अभिभावकों को संपूर्ण दस्तावेजों के साथ सरल पोर्टल के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा तथा सभी दस्तावेज संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जमा करवाने होंगे। इसके उपरांत बच्ची के नाम से एलआईसी प्रमाण पत्र जारी किया जाता है तथा 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत उनके खाते में राशि स्थानांतरित कर दी जाती है।
