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बाल नाट्य उत्सव के दूसरे दिन 'जहर' नाटक ने नशे के दुष्परिणामों पर किया करारा प्रहार

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On the second day of the Children's Theatre Festival, the play 'Zahar' (Poison) delivered a hard-hitting critique of the adverse effects of substance abuse

mahendra india news, new delhi
सिरसा। हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में के.एल. थिएटर प्रोडक्शन्स एवं जेसीडी रंगशाला के संयुक्त संयोजन तथा संस्कार भारती हरियाणा, शाखा सिरसा के विशेष सहयोग से आयोजित "नाट्यपाठ शाला" कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय बाल नाट्य उत्सव के दूसरे दिन महाराजा अग्रसेन स्कूल, सिरसा में सामाजिक चेतना पर आधारित नाटक जहर का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन स्कूल के अध्यक्ष अनिल गनेरीवाला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाराजा अग्रसेन स्कूल की प्राचार्या डॉ. जपनीत कौर रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कार भारती, शाखा सिरसा के अध्यक्ष जयंत शर्मा ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में महाराजा अग्रसेन स्कूल की उप-प्राचार्या डॉ. शिवा गुप्ता उपस्थित रहीं। द्वितीय दिवस पर रंगरेज नाट्य दल द्वारा प्रस्तुत नाटक जहर का निर्देशन युवा रंगकर्मी प्रकाश चंद्र चौहान ने किया। नाटक ने समाज में तेजी से फैल रही नशे की समस्या को अत्यंत संवेदनशील, यथार्थपूर्ण एवं प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। नाटक की कहानी इस कड़वे सत्य को उजागर करती है कि नशा केवल एक व्यक्ति का जीवन ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को एक धीमे जहर की तरह भीतर से खोखला कर देता है। एक व्यक्ति की नशे की लत उसके माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों के सपनों को तोड़ देती है तथा परिवार को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकटों में धकेल देती है। प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ, सुखी और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।

नाटक की समाप्ति पर सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा और कलाकारों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में डॉ. जपनीत कौर ने कहा कि रंगमंच समाज को जागरूक करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। ऐसे नाटक विद्यार्थियों और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। हरियाणा कला परिषद तत्वावधान में के.एल. थियेटर प्रोडक्शंस एवं जेसीडी रंगशाला द्वारा आयोजित ये बाल नाट्य उत्सव विद्यार्थियों में नाट्य कला को सीखने ही नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का अभियान है।

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ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम संयोजक कर्ण लढा ने बताया कि तीन दिवसीय बाल नाट्य उत्सव का समापन कल विवेकानंद बाल मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिरसा में होगा, जहां कलाकृति आर्ट्स द्वारा बेटियों के शिक्षा और समान अधिकार पर आधारित सामाजिक नाटक कोखदान का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर संस्कार भारती हरियाणा शाखा सिरसा के कार्यकारिणी सदस्य दीप्ति प्रकाश, पविकांत मित्तल जी और विद्यालय के विद्यार्थियों सहित शिक्षकगण एवं अन्य विद्यालय प्रशासन मौजूद रहा।