मनुष्य को सत्संग व भगवान की कथा के श्रवण का कोई अवसर गंवाना नहीं चाहिए: स्वामी आत्मानंद पुरी
mahendra india news, new delhi
सिरसा। कथा श्रवण व सत्संग से विवेक जागृत होता है और विवेक होने पर मोह खत्म हो जाता है, धर्म अधर्म में भेद पता लगने लगता है, मोह खत्म होने व धर्म की राह पर चलने से भगवान के चरणों में प्रीति होने लगती है और जीव अपने सहज रूप को प्राप्त कर लेता है। इसलिए मनुष्य को सत्संग व भगवान की कथा के श्रवण का कोई भी अवसर बेकार नहीं गंवाना चाहिए। शिव शक्ति योग मिशन सिरसा द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन श्री श्री 1008 महा मंडलेश्वर स्वामी आत्मा नंद पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उनसे आह्वान किया कि वह हर कार्य ईश्वर को समर्पित करते हुए करें, ताकि उनसे कोई भी कार्य अधर्म के विरुद्ध होने की संभावना क्षीण हो जाए।
अष्ठ सिद्धियों की चर्चा करते हुए स्वामी जी ने कहा कि सच्चा भक्त किसी भी तरह की सिद्धि के चक्कर में नहीं फंसता, क्योंकि सिद्धियों से वैभव, प्रतिष्ठा, प्रशंसा तो मिल सकती है पर ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती। मन की चंचलता व गति के बारे में महाराज जी ने बताया कि हमारा मन बंधन का भी कारण है और मुक्ति का भी क्योंकि मन अनुकूलता में सुखी, प्रतिकूलता में दु:खी हो जाता है। अत: मन पर नियन्त्रण रखते हुए शुद्ध व निष्कपट मन व निष्काम भाव से ईश्वर का स्मरण करते हुए जीवन यात्रा तय करनी चाहिए.
अंत में भगवान कृष्ण के परम धाम जाने के बारे में विस्तार से बताते हुए सुन्दर व व्यवस्थित भागवत कथा के आयोजन हेतु शिव शक्ति योग मिशन सिरसा के सभी पदाधिकारी और सदस्यों को साधुवाद देते हुए सभी के मंगलमय जीवन के लिए आशीर्वाद व शुभकामनाएं दी।
कथा में लालगढ़िया अस्पताल के संचालक डा. संजय लालगढ़िया, नत्थू राम गर्ग, सुशील गोयल, योगेश गर्ग, हिमेश गर्ग, दिनेश गर्ग, मदन लाल गुप्ता, निर्मल कंदोई, विश्व बंधु गुप्ता, सुमन मित्तल, सुभाष जिंदल, रमेश जमालिया, अमित कुमार, डा. एसएल अग्रवाल, किशन कुमार, कीर्ति बंसल, सुरेश बंसल, गीतांश शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, उजाला राम, इंद्रपाल नैन, पवन शर्मा, सुभाष खेतड़ी वाला, जीतराम, भीम जिंदल, सुशील गुप्ता, ध्यान सिंह व सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिलाएं उपस्थित रहे। भागवत जी की आरती व प्रसाद वितरण के साथ कथा सातवें दिन की कथा समाप्त हुई
