म्हारी योजना: हरियाणा सरकार द्वारा झींगा मछली पालकों को दिया जा रहा तालाब सुधार व खाद-खुराक पर अनुदान
mahendra india news, new delhi
हरियाणा सरकार द्वारा मत्स्य पालकों के हित में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिसके तहत मत्स्य पालक किसानों को तालाब सुधार व खाद-खुराक पर अनुदान दिया जा रहा है। जो मत्स्य किसान पिछले कम से कम 4 वर्षों से लगातार झींगा पालन का कार्य कर रहे हैं तथा जिन्हें पूर्व में प्राप्त अनुदान की अवधि 3 वर्ष पूर्ण हो चुकी है,
उन्हें अब सरकार द्वारा इंटेंसिव फिशरीज डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत तालाब सुधार एवं खाद-खुराक हेतु अनुदान प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजट की उपलब्धता के आधार पर स्लाइन कल्चर प्रोजेक्ट कोस्ट के आधार पर 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। जिला के लगभग 300 मत्स्य पालक / झींगा पालक किसानों को अबतक लाभान्वित किया जा चुका है।
इंटेंसिव फिशरीज डेवलपमेंट प्रोग्राम (गहन मत्स्य विकास कार्यक्रम) का उदï्देश्य मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य पालकों को तालाब में सुधार, खाद खुराक पर अनुदान दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य जिले में झींगा पालन को और अधिक सुदृढ़, लाभकारी एवं वैज्ञानिक बनाना है।
योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को उनके तालाबों की मरम्मत, सुधार, लाइनिंग, जल प्रबंधन तथा उत्पादन बढ़ाने हेतु आवश्यक खाद एवं खुराक पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ वही मत्स्य/सफेद झींगा पालक किसान उठा सकेंगे, जिनका यह प्रमाणित हो कि वे लगातार 4 वर्षों से झींगा पालन कर रहे हैं। पात्र किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ मत्स्य पालन विभाग कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क कर सकते हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
मत्स्य विभाग द्वारा जिला में मछली पालक किसानों के लिए विभिन्न केंद्रीय व राज्य प्रायोजित स्कीमों के माध्यम से कई योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। पात्र किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठाएं। बजट उपलब्धता तक झींगा उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए अनुदान मुहैया करवाया जा रहा है। जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र
